Bollywood movies without heroines
Bollywood movies without heroines

हीरोइन के बिना नहीं होती बॉलीवुड की फिल्में पूरी, लेकिन इन 5 बिना हीरोइनों की फिल्मों को मिला है भरपूर प्यार

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जब तक फिल्म में हीरो और हीरोइन दोनों न हों, फिल्म को पूरा नहीं माना जाता। लेकिन, कुछ ऐसी फिल्में भी हैं जिसमें हीरोइन नहीं थी, लेकिन दर्शकों ने उसे भरपूर प्यार दिया।

Bollywood movies without heroines: हिंदी सिनेमा को बॉलीवुड के नाम से जाना जाता है। राजा हरिश्चंद्र भारत में बनी पहली फिल्म थी, जिसे 1913 में बनाया गया था। शुरुआत में बॉलीवुड में केवल पुरुष स्टारर फिल्में अधिक बनती थी जिसमें हीरोइन के हिस्से सिर्फ एक दो डायलाग और गाने आते थे। एक दौर ऐसा भी था जब कोई भी मूवी हीरोइन के बिना पूरी नहीं होती थी। लेकिन, अब जमाना बदल गया है। आजकल फिल्में वास्तविकता पर आधारित होती हैं और इसकी स्टारकास्ट भी उसी के अनुसार निर्धारित की जाती है। पिछले कुछ सालों में ऐसी कई फिल्में बनी हैं, कोई भी हीरोइन न होने के बाद भी यह फिल्में हिट रहीं और दर्शकों ने इसे भरपूर प्यार दिया।

दंगल 

दंगल फिल्म का मुख्य किरदार थे महावीर सिंह फोगट, जिन्होंने समाज की रूढ़िवादी रीतियों को तोड़ते हुए और संघर्ष करके अपनी बेटियों गीता फोगट और बबिता फोगट को रेसलर बनाया। इसमें कोई शक नहीं कि इस फिल्म में फोगट सिस्टर्स पर भी पूरा ध्यान दिया गया है। लेकिन, इसका पूरा फोकस महावीर सिंह फोगट पर ही था। देखा जाए तो इस फिल्म में कोई भी हीरोइन नहीं थी और यह एक सच्ची कहानी थी, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। इस फिल्म को आमिर खान की बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है।

Dangal
Dangal

यह भी पढ़ें। डराने के साथ हंसा हंसाकर लोटपोट कर देगी ये हॉरर कॉमेडी फिल्में: Horror Comedy Films

धमाल

साल 2007 में रिलीज़ हुई यह फिल्म एक कॉमेडी मूवी थी, जिसमें मुख्य भूमिका में थे संजय दत्त, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, आशीष चौधरी और जावेद जाफरी। इसमें भी कोई हीरोइन नहीं थी। लेकिन, कॉमेडी मूवीज का नाम आते ही इस फिल्म का नाम सबसे ऊपर आता है। इस पूरी फिल्म को देख कर कहीं भी हीरोइन की कमी महसूस नहीं होती है। इसकी कहानी चार दोस्तों द्वारा ढूंढे जाने वाले खजाने पर केंद्रित है। 

Dhamaal
Dhamaal

ओह मॉय गॉड

यह फिल्म 2012 में आयी थी, जो एक गुजराती स्टेज प्ले कांजी विरुद्ध कांजी पर बनाई गई थी। इसमें परेश रावल और अक्षय कुमार लीड रोल में थी। इसके अलावा इसमें मिथुन चक्रबर्ती, ओम पूरी, महेश मांजरेकर भी इसमें मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म में एक आदमी भूकंप में नष्ट हुई अपनी दुकान के लिए भगवान को जिम्मेदार मानता है और उन पर केस करता है। यह फिल्म कॉमेडी के साथ-साथ एक अच्छा संदेश भी देती है। फिल्म में कोई भी हीरोइन न होने के बाद भी इस फिल्म को बहुत पसंद किया गया।

Oh my God
Oh my God

चक दे इंडिया 

चक दे इंडिया फिल्म एक वीमेन हॉकी टीम के बारे में हैं, जिसमें मुख्य किरदार है इस टीम का कोच। इस फिल्म में उस कोच और उसकी टीम से जुड़ी मुश्किलों के बारे में बखूबी बताया गया है। यह भी बताया गया कि कैसे यह टीम सभी मुश्किलों को पार करते हुए दुनिया की नंबर एक हॉकी टीम के रूप में उभरती है और इस सफलता में कोच महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस फिल्म को भी लोगों का भरपूर प्यार मिला था।

Chak de India
Chak de India

ए वेडनसडे

2008 को रिलीज़ हुई यह फिल्म एक सस्पेंस मूवी है, जो 2006 में मुंबई ट्रैन में हुए बम ब्लास्ट पर आधारित थी। इसमें नसीरुद्दीन शाह और अनुपम खेर मुख्य भूमिका में थे। समीक्षकों द्वारा इस फिल्म की बहुत अधिक तरफ की गई और इस फिल्म में बॉक्स-ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया था। यही नहीं 2013 में हॉलीवुड में इस फिल्म की रीमेक भी बनी थी। इस फिल्म की कहानी और किरदारों की बेहतरीन एक्टिंग किसी भी दृश्य में एक्ट्रेस की कमी महसूस नहीं होने देती। अगर आपने इन फिल्मों को अभी तक नहीं देखा है, तो आपने बहुत कुछ मिस कर दिया है, इसलिए तुरंत इन्हें देखें।

A Wednesday