महिला दिवस पर सब टीवी के कलाकारों की राय
तनाज ईरानी ऊर्फ सब टीवी के बड़ी दूर से आये हैं में लिजा

मुझे लगता है कि महिलाओं के पास सशक्त महसूस करने के पर्याप्त अवसर होते हैं,क्योंकि यदि हम सशक्तिकरण शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह हमारे समाज के बेहद शीर्ष हिस्से के लिए सही है। हमारे समाज को जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है, वह महिला का सशक्तिकरण नहीं है, बल्कि दूसरों द्वारा महिला के लिये सम्मान है। यह भी जरूरी है कि महिला के मन में खुद के प्रति सम्मान हो। यदि महिलाओं का सम्मान दूसरों
द्वारा किया जाता है और वह खुद अपना सम्मान नहीं करती, तो हमें कब जश्न मनाना चाहिये। हमारे देश की सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनायें।
मुग्धा चापेकर ऊर्फ सब टीवी के साहिब बीवी और बॉस में अनीशा

मुझे लगता है कि साल के सिर्फ एक दिन महिला दिवस का जश्न मनाने और महिलाओं को सशक्त करने की बात करने के बजाय हमें इन विचारों को अमल में लाना चाहिये। महिलाओं की शिक्षा पर फोकस करना जरूरी है। महिला और पुरूष ईश्वर की रचनाएं हैं। इनमें से कोई भी दूसरे से ऊपर नहीं है। वे पहले से ही समान है। सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनायें।
अदिति सजवान ऊर्फ सब टीवी के चिड़िया घर में कोयल

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम जिंदगी के सभी क्षेत्रों में महिलाओं के प्रयासों, सफलता और एक उपलब्धि का जश्न मनाते हैं, चाहे बिजनेस हो, कामकाजी वर्ग हो, राजनीति हो या फिर गृह प्रबंधन। मैं अपनी मां को अपनी जिंदगी में सबसे बड़ा रोल मॉडल मानती हूं। मेरा मानना है कि अधिकतर लोगों की भी यही धारणा है, क्योंकि एक मां हमारी जिंदगियों को आकार देती है, प्रभावित करती है और उसका निर्माण करती है। एक महिला जिंदगी में महत्वपूर्ण भूमिकायें निभाती है, फिर चाहे बेटी हो, मां या पत्नी। लेकिन वह सबसे पहले महिला है और उसका सम्मान किया जाना चाहिये तथा उसके साथ समानता का व्यवहार करना चाहिये। आज हम कहते हैं कि महिलायें दुनिया के लिये महत्वपूर्ण हैं, लेकिन लिंग समानता हर जगह नहीं है। हम बहुत पढ़े-लिखे हो सकते हैं, अधिक योग्य हो सकते हैं, समान रूप से काबिल हो सकते हैं, लेकिन हमें हमेशा पुरूषों की तुलना में कम वेतन या मेहनताना मिलता है। यहां पर समानता कहां है? उम्मीद है कि एक दिन यह स्थिति भी बदलेगी। लेकिन सबसे बड़ा बदलाव जिसकी जरूरत है, वह है महिलाओं के विरूद्ध सभी अपराधों को पूरी तरह से खत्म करने की, शोषण और घरेलू हिंसा से निपटने के लिये सख्त कानून बनाने की।जब तक समाज की मानसिकता नहीं बदल जाती ऐसे अपराध होते रहेंगे। हम अभी भी अंधेर युग में रह रहे हैं और महिला दिवस पर सवालिया निशान लगा है।
कृष्णा गोकानी ऊर्फ सब टीवी के वो तेरी भाभी है पगले की डॉ. निशा

महिला की शक्ति उसके शरीर की ताकत से नहीं आती अथवा न हीं संकल्प की उसकी चतुराई से आती है, बल्कि यह उसकी दिल की खूबसूरती, उसके दिमाग और उसकी आत्मा में निहित होती है। एक साधारण लुक सबसे अधिक अंधकार को भी प्रकाशित कर सकता है। उसका स्पर्श सर्वाधिक ठंडे दिनों को भी गर्माहट से भर सकता है। उसकी मुस्कुराहट आपको मदहोश कर सकती है। उसके शब्द वह संपत्ति दे सकते हैं, जो सबसे अधिक अमीर व्यक्ति के पास भी नहीं हो सकती। असली महिला की यही शक्ति है। सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनायें।
सुदीपा सिंह ऊर्फ सब टीवी के बाल वीर की रानी परी

यह महिला सशक्तिकरण का जश्न मनाने का दिन है, क्योंकि मौजूदा समय में महिलाएं किसी भी मामले में पुरूषों से कम नहीं हैं। वह हर क्षेत्र में सफल हो रही हैं और उसकी अपनी भागीदारी है। मैं चाहती हूं कि हमारे देश में अधिक शिक्षित महिलायें हो, ताकि वे अपने दम पर फैसले ले सकें। उसे कहीं भी जाने की आजादी होनी चाहिये और शिक्षित होना चाहिये, ताकि वह अपने अधिकार मांग सके और दूसरे लोग उसे मूर्ख न बना सकें।
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दर्द ,शक्ति,सम्मान का आइना है नारी -देखें इस वीडियो में
