जानिए फिल्म 'आदिपुरुष' ने क्यों किया दर्शकों को निराश: Adipurush Movie Review
Adipurush Movie Review

Adipurush Movie Review: फिल्म आदिपुरुष का दर्शकों को काफी इंतज़ार था। फिल्म काफी समय से विवादों में थी। दर्शकों को फिल्म से जैसी उम्मीद थी फिल्म वैसा कुछ प्रदर्शित नहीं कर पायी। फिल्म में प्रभास , कृति सेनोन , सैफ अली खान , देवदत्त नागे , सनी सिंह और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकार हैं। फिल्म का निर्देशन ओम राउत ने किया है। फिल्म को देखने के लिए काफी दर्शक पहुंचे। आइये जानते हैं कैसी रही फिल्म, फिल्म में क्या कुछ अच्छा है और किस बात ने निराश किया।

Adipurush Movie Review: डायलॉग करते हैं निराश

किसी भी फिल्म का आधार उसके डायलॉग होते हैं। एक अच्छा संवाद ही किरदार को अमर करता है। बगैर अच्छे संवाद के किसी फिल्म की कल्पना भी नहीं की जा सकती। बात करें आदिपुरुष के संवाद की तो उससे निराशा ही हाथ लगती है। जब फिल्म का विषय किसी धार्मिक कथा कहानी से हो तो संवाद का बेहद ख्याल रखा जाना चाहिए। क्योंकि फिल्म के किरदारों से दर्शकों की भावनाएं जुड़ी होती हैं। अगर फिल्म के संवाद उसके किरदार के अनुकूल नहीं होंगे तो ऐसे में दर्शक खुद को फिल्म से जोड़ नहीं पाएंगे। और यही हुआ आदिपुरुष में। फिल्म में एक संवाद है जिसमें हनुमान रावण के बेटे से कहते हैं कि ‘कपड़ा तेरे बाप का , तेल तेरे बाप का , आग भी तेरे बाप की और जलेगी भी तेरे बाप की ‘, इसी तरह एक संवाद है कि ‘ बोल आया हूँ लंका में कि हमारी बहन को उठाने वाले की हम लंका लगा देंगे’ इस तरह के कई सारे संवाद हैं जो बिल्कुल भी अच्छे नहीं हैं। फिल्म के संवाद पसंद नहीं किये जा रहे हैं।

फिल्म के किरदार

बात एक्टिंग की करें तो वो भी कुछ ख़ास नहीं है। हम सुनते , पढ़ते आएं हैं कि भगवान राम का जो व्यक्तित्व है वो करुणा से पूर्ण है उनके संघर्ष से वो मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। फिल्म में श्री राम का किरदार प्रभास ने निभाया है वो फिल्म में कुछ खास नहीं लगे , उनके अभिनय में सौम्यता नज़र नहीं आई जैसे कि श्री राम थे। उनका अभिनय राम के व्यक्तित्व को दर्शाने में नाकाम रहा। प्रभास काफी भीमकाय नज़र आये । रामायण के अहम किरदार को निभाने वाले कलाकारों का अभिनय कुछ ख़ास नहीं है। दिग्गज कलाकारों के बाद भी फिल्म अपना कमाल नहीं दिखा पायी ।

सृष्टि मिश्रा, फीचर राइटर हैं , यूं तो लगभग हर विषय पर लिखती हैं लेकिन बॉलीवुड फीचर लेखन उनका प्रिय विषय है। सृष्टि का जन्म उनके ननिहाल फैज़ाबाद में हुआ, पढ़ाई लिखाई दिल्ली में हुई। हिंदी और बांग्ला कहानी और उपन्यास में ख़ास रुचि रखती...