होली में सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल न करने का संकल्प लें। जहां तक संभव हो, सुरक्षित, अविषैले और प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें क्योंकि रसायन रहित रंगों को धोना आसान है। इसके अलावा, वे आपकी त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। घर पर किस तरह से आप बना सकती हैं नैचुरल रंग आइए जानें-
 
रंग बनाने के लिए आप फलों और सब्जियों और उनके छिलके को सूखाकर और पाउडर बनाकर उपयोग करें और उन्हें घर में सामान्य तौर पर इस्तेमाल किये जाने वाले हानिरहित टेलकम पाउडर में मिला लें। नारंगी के सूखे छिलके का इस्तेमाल करना बहुत अच्छा विचार है। हल्दी पाउडर, अदरक की जड़ का पाउडर, और दालचीनी पाउडर आदि जैसे प्राकृतिक मसालोें को मिलाकर आप त्वचा के अनुकूल होम- मेड रंग बना सकती हैं।
लेकिन सावधान रहें, क्योंकि ठीक तरह से पाउडर नहीं बनाये गए रंगों को रगड़ने से रैशेज़, लाली और यहां तक ​​कि जलन पैदा हो सकता हे।

1.सबसे पहले एक खुले बरतन में जितना सूखा रंग बनाना हैं उतनी मात्रा में आरारोट ले लेवें । आरारोट बाजार में आसानी से कम कीमत पर मिल जाता हैं ।

2.उसके पश्चात खाने वाले रंग को आवश्यकता अनुसार अथवा एक चम्मच खाने वाले रंग को आरारोट में मिला दीजिए ।

3. रंग मिलाने के पश्चात इसमें पेस्ट बनाने जितना आरारोट  रंग में मिलाकर फिर पानी मिलाएं ।पेस्ट अधिक पतला एवं अधिक गाढ़ा न करें ।

4.इस पेस्ट को 2 दिन तक अच्छे से सूखने दे, जब यह रंग (पेस्ट ) अच्छे से सूख जाए,तब इसे मिक्सी में बारीक होने तक पीसे, लीजिए हो गया सस्ता एवं अच्छा रगं तैयार ।

(नोट : – होली के रंग को बनाने के लिए खाने में मिलाने वाले रंग बाज़ार में आसानी से अलग-अलग रगों में आसानी से मिल जाते हैं।)

यह रंग बच्चों के लिए भी हानिकारक नहीं होते ।

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 दाल कचौरी

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