होली का लुफ्त घर में सबसे ज्यादा बच्चें उठाते है। सभी बच्चों की होली की तैयारियां कई दिनों से शुरु हो जाती हैं,जिसके चलते हर घर में अफरा-तफरी का माहौल छा जाता है। रंगो से लेकर तरह-तरह की पिचकारियों का मेला लगना तो आम बात होती है मगर इस धमाचौकड़ी में आपके बच्चे को कोई नुकसान न पहुंचे और वह अपनी होली पूरे जोश और रंग के साथ खेले इसके लिए हम आपको कुछ सेफ्टी टिप्स बता रहे हैं।
1. इससे पहले की आपके बच्चे अपनी-अपनी पिचकारियों के साथ घर से निकलें। आपके लिए यह जान लेना बहुत जरुरी है कि हर रंग किसी न किसी रासायनिक पदार्थ के प्रयोग से बना होता है। लाल रंग मरकरी सल्फाइट, बैगनी रंग क्रोमियम तथा ब्रोमाइड कंपाउंड, हरा रंग कौपर सल्फेट और काला रंग लिड ऑक्साइड से बना होता है। इन खतरनाक रंगो के इस्तमाल से त्वचा में जलन, गंजापन, ऐलेर्जी यहां तक की अंधापन होने की भी गुंजाइश रहती है। इसलिए अच्छा होगा कि आप अपने बच्चों को ऐसे रंगों के इस्तेमाल से दूर रखें और उन्हें हर्बल रंग खरीद कर दें।
2. होली के दिन बच्चे ज्यादा उत्तेजित हो जाते हैं और वह खुशी में भूल जाते हैं कि उन्हें अपने पड़ोसियों से कैसा व्यवहार करना चाहिए। आप उन्हें बताइये कि अगर कोई रंग नहीं खेलना चाहता या बीमार है तो उससे जबरदस्ती न बिल्कुल ना करें।
3. बच्चे जब आपस में होली खेल रहें हों तो आपका उनके आस-पास रहना बहुत ज़रुरी है ताकि कोई परेशानी होने पर आप तुरंत उनकी मदद कर सकें।
4. ढेर सारे रंग और पिचकारियों के चलते होली के दिन पानी का खूब प्रयोग होता है। इस दिन घर में पानी ही पानी फैला होता है और घर में धमाचौकडी मचाते हुए बच्चों को रोकना भी मुश्किल होता है। इसलिए कोशिश करें कि बच्चों को डांटे बगैर उन्हें कहीं बाहर पार्क में होली खेलने की हिदायत दें।
5. कुछ बदमाश बच्चे होली में रंगो के बजाए गंदगी का प्रयोग करते हैं। अगर आप के बच्चे भी अंडा, मिट्टी या गंदे पानी का प्रयोग करना चाहें तो उन्हें तुरंत मना कर दें।
6. वह बच्चे जिन्हें चोट लगी हो या फिर मुंह पर मुंहासे आदि हों तो उन्हें डॉ से सलाह लेकर ही होली खेलने दें। कुछ रंग इतने हानिकारक होते हैं कि वह त्वचा के माध्यम से अंदर प्रवेश कर के शरीर को नुक्सान पहुंचा सकते हैं।
7. इस बात पर ध्यान दें कि आपका बच्चा रासायनयुक्त रंगों से न खेल रहा हो। आप चाहें तो अपने घर पर ही हल्दी, केसू या अन्य प्रकार के रंग बना सकते है।
8. होली के रंगो से सबसे ज्यादा खतरा आपकी ऑखों को रहता है, हवा में उडता गुलाल या रंग ऑखों में जाने से आपकी ऑखें खराब हो सकती है या जलन या सूजन की शिकायत हो सकती है। इसके लिये रंग ऑख में जाने पर इन्हें हाथ से रगडें नहीं बल्कि साफ पानी से तुरंत साफ करें और गुलाब जल की 2-4 बूंद डालें अगर परेशानी ज्यादा हो तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।
9. होली पर ज्यादातर रंग हाथों से लगाया जाता है, रंग हाथ से तो हट जाता है लेकिन नाखूनों पर काफी दिनों तक लगा रहता है, इसके लिये आप नाखूनों पर पारदर्शी रंग का नेल पेंट या नेलपॉलिश लगा लें, साथ ही जैतून के तेल की मालिश भी करें
10. उन पर हमेशा ध्यान रखें की कहीं उनके आंखों या फिर मुंह में रंग न चला गया हो। साथ ही उन्हें पूरे कपड़े पहने को बोलें तथा पूरे शरीर में नारियल या जैतून का तेल लगा कर ही बाहर भेजें।
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