Baby Glowing Skin : बेबी की स्किन यूं तो वैसे ही बेहद कोमल और खूबसूरत होती है। लेकिन जब एक नवजात जन्म लेता है तो उसकी केयर के दौरान उसकी स्किन पर अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है। जिससे उसकी स्किन की कोमलता यूं ही बनी रहे और उसकी त्वचा हमेशा दमकती रहे। आमतौर पर, बड़ों की अपेक्षा बच्चे की स्किन की केयर करते हुए अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है, क्योंकि उसकी नाजुक स्किन पर आप तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट नहीं कर सकती हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बेहद आसानी से अपने बच्चे की नाजुक स्किन की केयर कर सकती हैं और उसे हमेशा की तरह ग्लोइंग बना सकती हैं-
गर्म तेल से करें मालिश

बेबी की केयर का सबसे पहला स्टेप है मालिश करना। ऐसा माना जाता है कि तेल से मालिश करने से बच्चे की हड्डियां मजबूत होती हैं और वह जल्द ही चलना सीखता है। हालांकि, इसके फायदे सिर्फ यहीं तक नहीं है। बच्चे को नहलाने से पहले हर दिन गर्म जैतून के तेल या बादाम के तेल से उसकी मालिश करने से उसकी स्किन को आवश्यक पोषण प्राप्त होता है। यह स्किन को रिपेयर करता है और उसे एक ग्लो प्रदान करता है। आप चाहें तो नारियल तेल या बेबी ऑयल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। हालांकि, मालिश के दौरान यह ध्यान रखें कि तेल बहुत अधिक गर्म ना हो।
बेबी की स्किन के लिए प्राकृतिक स्क्रब

बड़ों की तरह ही शिशुओं की स्किन को भी एक्सफोलिएट करने की आवश्यकता होती है। चूंकि स्टोर से खरीदे गए एक्सफोलिएटर नवजात शिशुओं की त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए आप घर पर ही आटे और दूध की मलाई से इसे तैयार कर सकती हैं। यह एक हल्के एक्सफोलिएटर के रूप में काम करता है जो आपके बच्चे के शरीर से किसी भी गंदगी या अत्यधिक बालों को हटाने में मदद करता है। सप्ताह में कम से कम तीन बार इस घोल से अपने बच्चे की त्वचा को धीरे-धीरे से साफ करें। आपको जल्द ही अपने बच्चे की स्किन में काफी अंतर नजर आने लगेगा।
देसी उबटन का करें इस्तेमाल

यह भी एक तरीका है बेबी की स्किन को पैम्पर करने और उसे ग्लोइंग बनाने का। जब बच्चे को देसी उबटन लगाया जाता है, तो उनकी स्किन को अतिरिक्त नरिशमेंट मिलता है और वह हेल्दी व ग्लोइंग नजर आती है। आप शिशुओं के लिए चंदन, हल्दी और केसर का उबटन तैयार करके उसकी स्किन पर लगा सकती हैं।
बेबी की स्किन पर ना लगाएं साबुन

कभी भी बच्चे की स्किन पर बाजार में मिलने वाले साबुन का उपयोग ना करें। इसमें बहुत सारे केमिकल्स होते हैं जो आपके बच्चे की कोमल, नाजुक त्वचा पर कठोर हो सकते हैं। इससे बच्चे की स्किन रूखी व डल भी हो सकती है। इसलिए, कम से कम पहले कुछ महीनों तक इनका उपयोग करने से बचें। बाद में आप हल्के बेबी सोप का इस्तेमाल कर सकते हैं। बेहतर होगा कि शुरुआत में आप नेचुरल स्किन क्लींजर बनाएं और उसे ही अपने बच्चे की स्किन पर इस्तेमाल करें।
बेबी की स्किन पर लगाएं होममेड पैक

जिस तरह हम अपनी स्किन की केयर करने के लिए तरह-तरह के पैक्स आदि का इस्तेमाल करते हैं, ठीक उसी तरह बेबी की स्किन पर भी माइल्ड होममेड पैक को अप्लाई किया जा सकता है। आप कुछ प्राकृतिक सामग्री जैसे शहद, हल्दी, नारियल का तेल, आलू का रस आदि का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके अलावा, सिर्फ दूध की मलाई से भी बच्चे की स्किन पर हल्की मसाज की जा सकती है। इससे उनकी स्किन दमकने लगेगी।
बेबी की डाइट में शामिल करें फल

अगर आपका बच्चा छह माह से अधिक बड़ा है, तो उसकी डाइट में फल शामिल करने की कोशिश करें। हालांकि, इसे शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। फलों में फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जो आपके बच्चे के शरीर को अंदर से साफ करते हैं। साथ ही, यह बच्चे के शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखते हैं, जिससे उसकी स्किन नेचुरली दमकने लगती है।
बेबी के हाइड्रेशन का रखें ख्याल

सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा हाइड्रेटेड है। शिशुओं को वयस्कों की तरह ही हाइड्रेटेड रहने की आवश्यकता है। उसे हाइड्रेट रखने से उसके शरीर के सारे टॉक्सिन बाहर निकल जाएंगे और त्वचा में प्राकृतिक रूप से चमक आ जाएगी। छह महीने से छोटे बच्चे को आप अच्छी तरह ब्रेस्टफीड करवाएं। वहीं, इससे बड़े बच्चे को दूध के अलावा पानी, फलों का रस, होल फ्रूट, सूप, दाल का पानी आदि दिया जा सकता है।
बेबी को हल्की धूप में लिटाएं

विटामिन डी शिशुओं के लिए बहुत अच्छा होता है। अपने बच्चे को सुबह की धूप का आनंद लेने दें और उसके शरीर को विटामिन डी को अवशोषित करने दें। यह ना केवल उनकी हड्डियों को मजबूत बनाएगा, बल्कि उसकी त्वचा को निखारने में मदद करेगा और त्वचा के संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में भी मदद करेगा।
बेबी के नहाने के लिए गुनगुने पानी का करें इस्तेमाल

नहाते समय पानी के तापमान का भी एक बड़ा अंतर नजर आता है। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें कि पानी का तापमान ज्यादा न हो। बच्चे के स्नान के दौरान एक स्थिर तापमान बनाए रखना महत्वपूर्ण है। अत्यधिक तापमान स्किन में सूखापन पैदा कर सकता है और आपके बच्चे की नाजुक स्किन की बनावट को नुकसान पहुंचा सकता है।
