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रेड लिपस्टिक एक समय लग्जरी का प्रतीक थी। इसे सिर्फ समाज की समृद्ध, धनी और उच्च वर्ग की महिलाएं और रानियां ही लगाती थीं। यह लिप शेड लगाकर वे अपनी शक्ति और प्रभाव का प्रदर्शन करती थीं।
Red Lipstick History: रेड लिपस्टिक जितनी बोल्ड लगती है, उतनी ही ब्यूटीफुल भी। यह महिलाओं के कॉन्फिडेंस और पावर का प्रतीक है। रेड लिपस्टिक गर्ल्स और लेडीज की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। यह लिपशेड जितना शानदार है, इसका इतिहास भी उतना ही मजेदार है। चलिए आज आपको बताते हैं आखिर कहां से आई रेड लिपस्टिक और क्या है इसका रोचक इतिहास।
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पावर का सिंबल था रेड कलर

रेड लिपस्टिक एक समय लग्जरी का प्रतीक थी। इसे सिर्फ समाज की समृद्ध, धनी और उच्च वर्ग की महिलाएं और रानियां ही लगाती थीं। यह लिप शेड लगाकर वे अपनी शक्ति और प्रभाव का प्रदर्शन करती थीं। हालांकि धीरे-धीरे इस बोल्ड लिपस्टिक शेड ने हॉलीवुड और फिर एस्कॉर्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जब उन्होंने इसे लगाना शुरू किया तो सम्मानित महिलाओं ने इससे दूरी बना ली।
ऐसे हुई इस लिपस्टिक की उत्पत्ति
अब बात करते हैं कि आखिर रेड लिपस्टिक की उत्पत्ति कब हुई। इतिहासकारों के अनुसार इस शेड की उत्पत्ति 3500 ईसा पूर्व की है। इसे मेसोपोटामिया की रानी पुआबी लगाना पसंद करती थी। रानी पुआबी को शुबाद भी कहा जाता था। शुबाद रेड लिपस्टिक बनाने के लिए लाल पत्थरों के साथ सफेद सीसे को मिक्स करती थीं। फिर इन्हें अपने होठों पर लगाती थीं। कई साक्ष्य ऐसे भी मिले हैं, जिसमें सामने आया कि प्राचीन मिस्र की महिलाएं भी होठों को रंगने के लिए लाल रंग का उपयोग करते थे। इसके लिए वे मिश्रित लाल गेरू का उपयोग करते थे। इतिहासकारों के अनुसार रानी क्लियोपेट्रा भी रेड लिपस्टिक लगाती थी। इसे कोचीनियल बग से निकाला जाता था। इस बग में डार्क रेड लिक्विड होता था, जिसे क्लियोपेट्रा लगाती थी।
ग्रीस के राजघरानों की शान
रेड लिपस्टिक का यह लंबा सफर सदियों पुराना है। एक समय यह ग्रीस के राजघरानों की शान हुआ करता था। हालांकि सेक्स वर्कर्स भी इसका भरपूर उपयोग करती थीं। उस समय इस लिप शेड को बनाने के लिए शहतूत और समुद्री शैवाल का उपयोग किया जाता था। रोमन साम्राज्य में रेड लिपस्टिक सबसे ज्यादा चलन में था। हालांकि मध्य युग में इसे जादू टोने से जोड़ा जाने लगा। क्योंकि इस दौरान ईसाइयों द्वारा मेकअप को अपनी धार्मिक मान्यताओं के विपरीत प्रचारित किया जाने लगा था।
इस रानी ने दी रेड लिपस्टिक को नई पहचान
ईसाई धर्म की तमाम मान्यताओं के बावजूद क्वीन एलिजाबेथ I के शासनकाल में रेड लिपस्टिक को नई पहचान मिली। हालांकि इस समय भी इसे आत्माओं की शक्ति के रूप में प्रचारित किया गया। लेकिन क्वीन खुद रेड लिपस्टिक लगाना पसंद करती थीं। वे कोचीनील, एग व्हाइट, गम अरबी और अंजीर के दूध से रेड लिपस्टिक बनवाया करती थीं। हालांकि इस दौरान भी क्वीन के उत्तराधिकारी जेम्स I मेकअप का विरोध किया। उन्होंने प्रचारित किया कि जो महिलाएं ज्यादा मेकअप करती हैं, वो पुरुषों को धोखा देती हैं। इतना ही नहीं उन्हें चुड़ैल बोला जाने लगा। 20वीं सदी में रेड लिपस्टिक का जमकर विरोध होने लगा। इसके बावजूद महिलाओं ने अपने दिल की सुनी और रेड लिपस्टिक लगाना बंद नहीं किया। ऐसे में रेड लिपस्टिक स्टाइल स्टेटमेंट बन गई। पॉप सिंगर मैडोना, एक्ट्रेस मर्लिन मुनरो सहित कई हॉलीवुड और ब्यूटी आइकन ने रेड लिपस्टिक को ट्रेंडी बना दिया। उन्होंने इसे स्टाइलिश आउटफिट्स और एक्सेसरीज के साथ लगाना शुरू किया। यह बोल्ड एंड ब्यूटीफुल लिपशेड आज भी ट्रेंड में है।
