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Keratin Treatment
Keratin Treatment

केराटिन ट्रीटमेंट क्या है?

Keratin प्रमुख प्रोटीन है जोकि हमारे बालों में स्वाभाविक रूप से मौजूद होता है और इसी कॉम्पोनेंट की वजह से हमारे बालों में चमक दिखाई पड़ती है। यह बालों की सुरक्षा और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए एक बाहरी सुरक्षात्मक और आंतरिक संरचनात्मक प्रोटीन के रूप में कार्य करता है। पर लगातार धूप, पॉल्यूशन और कैमिकल्स के संपर्क में आने की वजह से बालों में मौजूद प्रोटीन कम होने लगता है और हमारे बाल ड्राई और डैमेज हो जाते हैं क्योंकि बालों में मौजूद केराटिन खत्म हो जाता है। बालों के नैचुरल प्रोटीन को रिस्टोर करने के ट्रीटमेंट को ही केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट कहा जाता है। इसमें बालों में आॢटफिशियल केराटिन डाला जाता है ताकि आपके बाल स्मूथ और शाइनी हो जाएं।

कैसे होता है केराटिन ट्रीटमेंट

डॉ. अजय कहते हैं कि इस प्रक्रिया में सबसे पहले बालों में केराटिन हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोडक्ट लगाया जाता है। फिर इसे सुखाने के लिए फ्लैट आइरन से बालों को हॉट ट्रीटमेंट दिया जाता है। आपके बालों की लंबाई के हिसाब से इस प्रक्रिया में 90 मिनट या उससे ज्यादा भी समय लग सकता है। इस ट्रीटमेंट के बाद बालों के स्टाइल पर कोई असर नहीं पड़ता, फिर चाहे बारिश की बूंदे या हवा के तेज झोंके ही क्यों ना हो। इससे बाल काफी मजबूत और एकदम स्ट्रेट हो जाते हैं। इसे करवाने के बाद 72 घंटे तक बालों में कोई हेयर पिन नहीं लगा सकते हैं। साथ ही सोते समय अपना तकिया बेड के किनारे इस तरह रखें कि आपके बाल नीचे की ओर लटकते रहें।

ट्रीटमेंट के तीसरे या चौथे दिन ही बालों को वॉश करना जरूरी होता है क्योंकि इसमें इस्तेमाल किए गिए केमिकल सॉल्युशंस को काम करने में समय लगता है। पहला वॉश सैलून जाकर ही लेना पड़ता है। तीन-चार दिनों के बाद बालों को वॉश के लिए सोडियम सल्फेट-फ्री केराटिन शैंपू का इस्तेमाल करना होता है, क्योंकि इसी शैंपू को लगाने से ट्रीटमेंट का असर ज्यादा दिनों तक बरकरार रहता है।

केराटिन के साइड इफेक्ट्स

  • केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट करवाने के बाद आपको स्पेशल शैंपू, कंडीशनर और हेयर स्टाइलिंग प्रॉडक्ट यूज करना पड़ता है, जो खासतौर पर आपके बालों के हिसाब से बनाए गए हों।
  • इसमें शामिल फॉर्मल्डिहाइड के कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो इस ट्रीटमेंट को कराने से पहले टेस्ट जरूर करा लें।
  • केराटिन करवाने के बाद बाल बिल्कुल स्ट्रेट दिखने लगते हैं और उसमें से वॉल्यूम और बाउंस गायब हो जाता है।

  • आपके बाल बड़ी जल्दी ऑइली हो जाते हैं।
  • ट्रीटमेंट के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले रसायन से त्वचा और आंखों में जलन हो सकती है और एलर्जिक रिएक्शंस जैसे कि रशिंग और इचिंग भी हो सकती हैं।
  • गर्भवती महिलाओं को इस ट्रीटमेन्ट से दूर ही रहना चाहिए। जिनके बाल कर्ली होते हैं उनके लिए केराटिन ट्रीटमेंट पूरी तरह से सेफ नहीं है। इससे बालों की कुदरती चमक और कालापन जा सकता है इसीलिए बहुत जरूरी लगे तभी इसे करवाएं।
  • यह ट्रीटमेन्ट केवल एक प्रशिक्षित हेयर स्टाइलिस्ट की देखरेख में ही कराया जाना चाहिए।

केराटिन के फायदे

  • बालों का उलझना कम हो जाता है और बालों को मैनेज करना आसान होता है। बाल शाइनी और ग्लॉसी दिखने लगते हैं।
  • बाल स्ट्रेट हो जाते हैं, जिन्हें अलग- अलग तरह से स्टाइल करना आसान हो जाता है।
  • धूप की हानिकारक किरणों समेत वातावरण में मौजूद प्लूशन से भी बाल बच जाते हैं।
  • बाल डैमेज कम होते हैं तो उनके टूटनेझड ऩे की समस्या भी कम हो जाती है।
  • बालों को स्ट्रेट रखने के लिए ट्रीटमेंट के बाद हेयर स्प्रे और जैल की जरूरत नहीं होती है।

केराटिन ट्रीटमेंट कब तक रहता है? 

यह ट्रीटमेंट दो से ढाई महीनों तक चलता हैं। केराटिन बालों को मजबूत बनाता है। साथ ही बालों को झडऩे और टूटने से भी रोकता है। हालांकि केराटिन ट्रीटमेंट से बालों को स्थायी रूप से सीधा और लंबा नहीं किया जा सकता है, फिर भी बालों की हेल्थ और ग्रोथ को मेंटेन करने के लिए हर चार महीने के बाद यह ट्रीटमेंट कराना चाहिए।

ट्रीटमेंट में कितना होता है खर्च?

केराटिन हेयर ट्रीटमेंट काफी महंगा है, जिसमें 15 से 25 हजार रुपये तक एक बार में खर्च होते हैं। फिर उसके बाद कंडीशनर और शैंपू का खर्च अलग से।

(आईएलएएमईडी (ILAMED) के संस्थापक  और निदेशक डॉ. अजय राणा से बातचीत पर आधारित)

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