गर्मियों का मौसम आया नहीं कि पसीने से चिपचिपाते बदन, धूल-मिट्टी से सना चेहरा, पसीने की दुर्गन्ध के साथ-साथ त्वचा व बालों से जुड़ी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डिहाइड्रेशन, पीलिया, घमौरियां, हैजा, वायरल बुखार और पेट की बीमारियां चिंता का विषय बनने लगती हैं, जो कि आगे चल कर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं। इसलिए सेहत से जुड़ी कुछ पहलुओं पर गौर करना जरूरी है-

  • इस मौसम में सबसे अधिक समस्या आती है डिहाइड्रेशन की। हम जितना पानी पीते हैं उससे अधिक पसीने व अन्य स्रोतों से बाहर निकल जाता है, जिस कारण हमें प्यास लगती है। इसलिए ऐसे फलों का सेवन करें, जिनमें भरपूर मात्रा में पानी विद्यमान भी रहता है, जैसे कि तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, आड़ू, आलू बुखारा, अंगूर आदि। 
  • गर्मी के मौसम में अधिक तला, मसालेदार भोजन खाने से अनेकों पेट सम्बन्धी बीमारियां हो सकती हैं। अत: घर पर बने साफ ताज़ा व अच्छी तरह पका हुआ भोजन खाने को प्राथमिकता दें। चाय-कॉफी व बाजारी कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज़ करें। ओवर-ईटिंग और मसालेदार तैलीय भोजन से बचें।
  • इन दिनों वायरल संक्रमण आम बात है। ऐसे में बुखार, गले की खराश व खांसी से बचने के लिए स्वस्थ नाश्ता करें, धूप में घूमने से बचें। खुद को फिट रखने के लिए भरपूर आराम व नींद लें। ज़रा सी खांसी-जुकाम हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें क्योंकि कोरोना के ज़्यादातर लक्षण भी एक तरह के वायरल के संक्रमण से मिलते-जुलते होते हैं। घर से बाहर न निकलें। अपना तौलिया, ब्रश, बर्तन या कोई भी अन्य चीज़ किसी के साथ शेयर ना करें।
  • इस मौसम में पसीना आना स्वाभाविक है। हमारे शरीर में तापमान भी बढ़ता-घटता रहता है। इसे ठीक रखने के लिए छाछ, दही, नारियल पानी, गुलाब का शर्बत, आमपन्ना, पुदीने का शर्बत आदि का सेवन करना चाहिए।

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए

  • गिलोय की टहनी को उबाल कर दिन में एक बार आधा कप लें, यह प्रक्रिया सप्ताह में एक या दो बार दोहराएं।
  • आंवले का मुरब्बा खाएं। आंवले का सेवन अचार या कैंडी के रूप में भी किया जा सकता है।
  • बनाना शेक, कीवी और दही की स्मूथी, पपीता शेक, ऑरेंज जूस और शिकंजी आदि शरीर को एनर्जी देते हैं, क्योंकि ये विटामिन्स, कार्बोहाइड्रेट्स व फास्फोरस के स्रोत हैं। 

गर्म-सर्द होना

  • हर मौसम में गर्म-सर्द होना आम बात है, लेकिन इसका परिणाम अच्छा नहीं होता। गर्म-सर्द से अभिप्राय है कि बाहर से घर आते ही बर्फ वाला ठन्डा पानी या जूस पी लिया, पसीने से लथपथ एसी ऑन कर दिया या सीधा ही नहाने घुस गए। यह सभी हमारे शारीरिक तापमान में परिवर्तन के मूल कारण हैं और हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिस कारण हम ज़ुकाम, खांसी व बुखार की गिरफ्त में आ जाते हैं। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि तुरंत धूप में जाने से बचें। बाहर से आने के बाद सादा पानी पिएं। कुछ देर रुक कर ही नहाने जाएं।
  • विशेषरूप से गर्मियों में दूषित पानी के सेवन से डायरिया की समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। दस्त लगना, पेट में दर्द व मरोड़ होना, बुखार व पेट फूलना आदि इसके लक्षण हैं। इससे बचने के लिए-
  • बाहर के खाने से परहेज़ करें, उबला हुआ या फिल्टर्ड पानी पिएं।
  • घमौरियों से बचाव के लिए ठन्डे गुलाब जल व मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाएं।
  • नहाने के बाद चंदन पाउडर का लेप लगाएं।
  • एलोवेरा के गूदे को त्वचा पर लगाएं।

इस मौसम में किसी न किसी कारण मसल्स पेन की समस्या भी होती है, जिससे हमको रोज़ाना के कामों में बहुत परेशानी होती है। मांसपेशियों में दर्द, सूजन या किसी चोट की वजह से हम दर्दनिवारक दवाएं लेते तो हैं लेकिन उनका असर अस्थाई ही होता है। ऐसे में-

  • एक कप गरम दूध में कद्दूकस की हुई कच्ची हल्दी उबाल कर दिन में दो बार पिएं।
  • गुनगुने पानी में थोड़ा सा एप्पल सीडर विनेगर डाल कर उस जगह की सिंकाई करें।
  • अगर किसी जगह पर चोट के कारण सूजन आ गई हो तो चायपत्ती को उबाल कर उसके पेस्ट को प्रभावित स्थान पर लगाएं।
  • पानी में अदरक उबाल कर उसमें शहद मिला कर पीना भी फायदेमंद होता है।
  • बर्फ की सिंकाई से भी आराम मिलता है।
  • इस मौसम में मच्छरों के काटने से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिआ का डर भी बना रहता है तो-
  • घर में मॉस्किटो लिक्विडेटर, मच्छरदानी और ओडोमॉस स्किन क्रीम का इस्तेमाल करें।
  • अपने घर के आसपास और कूलर में पानी इकट्ठा न होने दें।

एक तो पसीना और ऊपर से लोगों द्वारा लगाए जाने वाले तेज गंध वाले परफ्यूम और हेयर ऑयल्स एलर्जी के कारण कई लोगों को सिरदर्द, मितली और चक्कर आने जैसी समस्याएं इस मौसम में देखने को मिलती हैं। ऐसे में-

  • ऐसी जगह पर चले जाएं जहां ताज़ी हवा आती हो और भीड़ न हो।
  • अपने पास हाजमे वाली जीरा, अजवायन वाली खट्टी-मीठी चूर्ण वाली गोलियां या आमला कैंडी रखें।
  • मास्क से नाक और मुंह अच्छे से ढककर रखें।

स्किन केयर के लिए भी कुछ सुझाव अपनाएं-

  • महिलाओं के लिए गर्मी में पीरियड्स से होने वाली समस्याएं जैसे कि वजाइना के आसपास पसीने के कारण पड़ने वाले रेशेज और खुजली बहुत परेशान करती हैं। ऐसे में जरूरी है कि इन दिनों में साफ-सफाई का ध्यान रखें। हर तीन-चार घंटे के अंतराल पर सेनेटरी पैड चेंज करें। भारी काम, व्यायाम व स्विमिंग न करें। रेशेज वाली स्किन पर मेडिकेटिड क्रीम या पाउडर लगाएं। 
  • ठंडे गुलाबजल में रुई के फाहों को भिगोकर आंखों पर रखने से आराम मिलता है। 
  • गर्मी में लू के कारण आंखों से सेंक निकलता हुआ महसूस हो तो टी बैग्स को ठन्डे पानी में भिगो कर आंखों पर रखें। 
  • ठंडी मलाई को कॉटन पर लगाकर थोड़ी देर के लिए बंद आंखों पर रखने से भी आराम मिलता है।
  • धूप में सनबर्न होना तो लाजि़मी है ही, जिसके कारण त्वचा पर धब्बे पड़ जाते हैं और रंग भी गहरा हो जाता है। ऐसे में अगर कुछ चीज़ों का रस निकाल कर उनको आइस क्यूब्स के रूप में जमा लिया जाये और बाहर से आने के बाद उन्हें आराम से स्किन पर गोल-गोल घुमाया जाये तो इससे आपको ठंडक मिलेगी, जैसे-
  • खीरे और नींबू का रस।
  • एलोवेरा जेल और गुलाबजल।
  • टोमेटो पल्प और शहद।

पसीने, धूल और प्रदूषण के कारण चेहरे पर मुहांसे हो जाते हैं, जिससे त्वचा खराब दिखने लगती है। ऐसे में-

  • दिन में कई बार मुंह पर ताज़े पानी के छींटे मारें।
  • खूब पानी पियें ताकि आपकी त्वचा में नमी बनी रहे।
  • मास्क लगाने से पहले चेहरे को कच्चे दूध से साफ करें।
  • दो टेबलस्पून नींबू के रस में आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं और लगा लें। पांच मिनट के बाद ठन्डे पानी से धो लें।
  • एलोवेरा जेल में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर इस पेस्ट को लगाने पर भी आराम मिलता है।
  • सिर के बालों में हफ्ते में दो बार किसी भी तेल से मसाज करें और बालों को सौम्य शैम्पू से धोएं।
  • अंत:वस्त्र दिन में दो बार बदलें। हमेशा सूती वस्त्रों का प्रयोग करें।
  • मुल्तानी मिट्टी और तिल का लेप बालों में लगाने से सिर को ठंडक मिलती है, बाल घने और चमकदार बनते हैं।
  • धूप से आने के बाद या बाहर जाने से पहले कुछ फल जैसे कि कीवी, तरबूज़, आम, अनानास और खीरे के गूदे को चेहरे पर लगाने से चेहरे में नमी बनी रहती है। इनमें प्रचुर मात्रा में खनिज-लवण होते हैं, जो नई कोशिकाओं का निर्माण करते हैं और त्वचा को चमकीला बनाते हैं।
  • दही में बेसन और हल्दी मिलाकर इस लेप को चेहरे और गर्दन पर लगाने से रंग साफ होता है।
  • किसी भी तरह के त्वचा के संक्रमण से बचाव के लिए नीम जादू सा असर करती है। नीम की ताज़ा कोपलों को थोड़े से पानी में पीस कर इस रस को छान कर सेवन करना लाभदायक होता है।
  • रात को सोते समय दूध में कच्ची हल्दी मिलाकर गर्मागर्म पीने से शरीर को पोषण मिलने के साथ चेहरा भी चमक जाता है।
  • हल्दी और दही के लेप को हाथों-पैरों पर बीस मिनट लगा रहने दें और धो दें। सारा मैल निकल जाएगा।
  • चंदन पाउडर, गुलाबजल और मुल्तानी मिट्टी का लेप स्किन को ठंडा रखने के साथ घमौरियों से भी राहत दिलाता है।

इन सबके अलावा भोजन हल्का व सुपाच्य लें। व्यायाम करें और कोई तनाव न लें। सात-आठ घंटों की नींद भी जरूरी है। 

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