आइब्रो के लिए थ्रेडिंग, वैक्सिंग या प्लकिंग, कौनसा तरीका है सबसे बेहतर
आइब्रो के लिए थ्रेडिंग, वैक्सिंग और प्लकिंग तीनों तरीके अच्छे हो सकते हैं, लेकिन यह निर्भर करता है कि आपके लिए कौन सा तरीका सबसे बेहतर है।
अपने चेहरे की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए आपको आइब्रो बनवाना काफी जरूरी होता है। जो की कई बार लाफ़ी मुश्किल काम हो जाता है। यकीनन थ्रेड के जरिए अपनी आइब्रो के बाल निकलवाना आसान नहीं होता है। लेकिन क्या करें खूबसूरती के लिए ये जरूरी भी लगता है और आइब्रो की परफेक्ट शेप के लिए आपको ये करना ही होगा। अच्छी और खूबसूरत आइब्रो आपके चेहरे को एक अलग ही लुक देती हैं। परफेक्टली ग्रूम्ड आइब्रो बनवाना तो सही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल मन में ये आता है कि आखिर इन्हें शेव किया जाए, प्लकिंग की जाए, वैक्सिंग की जाए या फिर थ्रेडिंग के ज़रियते इन्हे हटाया जाए।
ये चारों तरीके आपकी आइब्रो ग्रूमिंग के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं और सभी के अपने अलग फायदे और नुकसान भी होते हैं। आइब्रो के लिए थ्रेडिंग, वैक्सिंग और प्लकिंग तीनों तरीके अच्छे हो सकते हैं, लेकिन यह निर्भर करता है कि आपके लिए कौन सा तरीका सबसे बेहतर है। यहां कुछ बातें हैं जो आपको इन तरीकों के बारे में समझने में मदद कर सकती हैं:
आइब्रो वैक्सिंग

आइब्रो वैक्सिंग आजकल ज्यादा फेमस हो रही है और कई हाई प्रोफाइल पार्लर वालों ने इसे अपनाना शुरू कर दिया है। इसमें एक साथ बहुत ज्यादा बड़ा एरिया कवर किया जा सकता है और अगर आइब्रो के साथ फोर हेड के बाल भी हटवाने हैं तो आइब्रो वैक्सिंग मददगार साबित हो सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि आइब्रो के बाल काफी धीरे आते हैं और इसका असर एक महीने से ज्यादा भी चल सकता है। ये उन महिलाओं के लिए काफी अच्छी विकल्प साबित हो सकती है जिनकी आइब्रो की ग्रोथ काफी थिक होती है। क्योंकि इससे धीरे-धीरे ग्रोथ भी कम होने लगती है। वैक्सिंग से काफी उन्हें क्लीन लुक मिल सकता है। साथ ही इससे छोटे से छोटे बाल भी निकल जाते हैं और फेस से टैनिंग भी हट जाती है। वहीं, आइब्रो वैक्सिंग आपकी स्किन को कभी कभी इरिटेट भी कर सकती है। आपकी आंखों के आस-पास की स्किन काफी सेंसिटिव होती है और ऐसे में केमिकल्स यानी वैक्स को लगवाना ज्यादा ठीक नहीं होता है। इसी के साथ, इसमें अगर एक गलती हुई तो आइब्रो अनईवन हो जायेगी और ग्रोथ भी लेट आएगी।
आइब्रो थ्रेडिंग

आइब्रो थ्रेडिंग शायद देशभर में सबसे आम है और ज्यादातर पार्लर में भी यही किया जाता है। इससे शेप की गई आइब्रो काफी परफेक्ट बनती हैं और साथ ही थ्रेडिंग से स्किन उतनी इरिटेट नहीं होती जितनी वैक्सिंग से हो जाती है। आइब्रो थ्रेडिंग काफी सस्ता है और इससे भी आपके आइब्रो के बाल जल्दी नहीं आते हैं। आइब्रो का शेप इस तरीके से ज्यादा बेहतर आता है और गलती होने के चांस भी इसमें कम होते हैं। वहीं थ्रेडिंग से आइब्रो बनने में कम से कम 10-15 मिनट लगते ही हैं, लेकिन ये कई लोगों की स्किन पर इरिटेट भी कर सकता है। अगर आप ज़्यादा समय तक दर्द झेल सकते हैं तो आप आइब्रो के लिए ये तरीका अपना सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस तरीके में सबसे ज्यादा दर्द होता है।
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आइब्रो प्लकिंग

किसी प्लकर या ट्वीजर की मदद से आप अपनी आइब्रो खुद भी आसानी से सेट कर सकती हैं। आप प्लकिंग किसी और से भी करवा सकती हैं और इससे भी आपकी आइब्रो की शेप परफेक्ट आ सकती है। इसके लिए आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है। आप इसको आसानी से घर पर कर सकती हैं। इससे आपकी स्किन में इरिटेशन भी नहीं होता है। ये आपको ज्यादा कंट्रोल देता है और इससे आपके बालों की ग्रोथ भी बहुत जल्दी नहीं होती। वहीं, आइब्रो प्लकिंग में काफी मेहनत लगती है। साथ ही इसमें काफी समय भी लगता है। अगर आपको इतना समय अपनी आइब्रो को शेप देने के लिए नहीं लगाना है तो आप इसे बिलकुल भी ना चुनें।
आइब्रो शेविंग

आइब्रो शेविंग सबसे खूबसूरत आइब्रो पाने का सबसे क्विक तरीका है साथ ही इसमें आपको दर्द भी नहीं होता। आइब्रो शेविंग करते समय आपको ज्यादा कंट्रोल मिलता है और ज्यादा बेहतर डिफाइन्ड आइब्रोज भी मिलती हैं। आइब्रो शेविंग में टाइम भी कम लगता है। वहीँ इससे आपकी आइब्रो की ग्रोथ काफी जल्दी हो जाती है और कई बार इसकी वजह से हेयर ग्रोथ अनईवन भी हो जाती है। इसके अलावा, इससे आपको रेजर बर्न होना या कट लगने की गुंजाइश भी काफी होती है।
आइब्रो बनाना एक कला है और इसे सही ढंग से बनाने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
अपने आइब्रो की शेप सही से चुनें। आपको अपनी आइब्रो के लिए एक शेप चुननी होगी। जो आपकी आंखों के आकार और उनकी दूरी के साथ मेल खाती हो।
अपनी आइब्रो के लिए सही टूल्स को चुनें। अपने आइब्रो बनाने के लिए आपको सही और अच्छे टूल्स का चुनाव करना बेहद जरूरी है। जैसे कि एयेब्रो पेंसिल, स्पूली या क्लीनर।
आइब्रो बनाने से पहले अपने आइब्रो के आकार मार्क कर लें। एक छोटी पंखुड़ियों वाली कार्यक्रम या आइलाइनर का उपयोग करके अपनी आइब्रो का आकार मार्क कर लें ताकि आइब्रो को शेप देने में आसानी हो।
अपनी आइब्रो को भांप भी दें। भाप देने से आप देख सकते हैं कि आपकी आइब्रो सही उंचाई पर है या नहीं। साथ ही दोनों आइब्रोस इक्वल हैं या नहीं।
आइब्रो धीरे-धीरे बनायें। अपनी आइब्रो को धीरे-धीरे बनाएं, शुरुआत में उन्हें थोड़ा-सा ही बनायें और उसके बाद उन्हें अच्छे से शेप दें।
पूरी तरह से आइब्रो को बनाने के लिए आप उन्हें स्पूली या क्लीनर से भी सही कर सकते हैं। इससे आपकी आइब्रो को एक अच्छी शेप मिलने में भी मदद मिलेगी।
