सर्विंग–3 तैयारी में समय-10 मिनट बनने में समय-30मिनट सामग्रीः- सूखी सब्जी 1 कप, उबला व मैश किया आलू 1/4 कप भुजा बेसन 2 बड़ा चम्मच बारीक कतरा हरा धनिया 1 बड़ा चम्मच चाट मसाला, अमचूर पाउडर और नमक-मिर्च स्वादानुसार थोड़ी सी आइसक्रीम स्टिकस क्रश ब्रेडक्रम्बस 1/2 कप और चॉपस्टिक तलने के लिए ऑयल। विधिः- 1-सूखी […]
Author Archives: Suchita Maheshwari
छोला पास्ता
सर्विंग- 4 तैयारी में समय- 10 मिनट बनने में समय 20 मिनट सामग्रीः पके हुए छोले 3 कप, उबला बटरफ्लाई पास्ता 15 नग, टोमैटो सॉस 2 बड़े चम्मच, बारीक कतरा हरा धनिया 1 बड़ा चम्मच व नमक स्वादानुसार। विधिः- 1-बचे हुए छोलों में एक कप पानी व टोमैटो सॉस डालकर गरम करें। 2-इसमें […]
दीया और बाती मिठाई
दीपावली के शुभ अवसर पर बनाएं खास तरहा की मिठाइयां जिनमें से एक है ये दीया और बाती मिठाई
बचे खाने से बनाएं टॉरटिला रोटी रैप
त्योहारों के बचे हुए खाने से कैसे आप दूसरी पार्टी का खाना बना सकती हैं और एक नया स्वाद इजाद कर सकती हैं। यह बता रही हैं कुकरी एक्सपर्ट नीरा कुमार।
दुर्गा के नौ रूप है नवरात्र
हिन्दू धर्म में देवी पूजा का विशेष महत्त्व है जिसे नवरात्र के रूप में नौ दिनों तक साल में दो बार मनाया जाता है। यह नौ दिन दुर्गा के नौ रूपों के प्रतीक हैं जिनका विवरण इस प्रकार है-
5 बातों का रखें सर्दियों में खास ख्याल
सर्दियों के मौसम में त्वचा संबंधी कई परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है इसलिए कुछ खास बातों का ध्यान रखें जैसे-
सुपरवुमन तो बनिए पर मशीन नहीं
घर और आॉफिस में बेहतर तालमेल बिठाने के चक्कर में कई बार महिलाएं खुद के लिए समय नहीं दे पातीं। जबकि सही मायने में खुश रहने के लिए जरूरी है कि हर महिला अपनी दिनचर्या से खुद के लिए कुछ समय निकालें।
सेहत से समझौता क्यों?
कुछ महिलाएं खुद को इंसान समझकर व्यवहार नहीं करती क्योंकि शायद इसके पीछे सामाजिक मानसिकता भी है कि महिलाएं जितना काम करेगीं उतनी ही तारीफ पाएंगी और इस प्रकार वह अपनी समस्याओं को बढ़ाती चली जातीहैं। वह परिवार की सेहत, पसंद और आराम का ध्यान रखेंगी, लेकिन खुद को भूल जाएंगी या फिर खुद को सबसे आखिर में गिनेंगी। यदि वह अपने आप का ख्याल रखेंगी तो वह अपराधबोध रहेगी कि वह खुद का ख्याल कैसे रख रही हैं।
अपने लिए भी समय कैसे निकालें महिलाएं
कामकाजी महिलाओं के लिए जिम्मेदारियां और ज्यादा बढ़ जाती हैं। इस चक्कर में उनके पास अपने लिए समय ही नहीं बच पाता है और ये बात उन्हें खटकती रहती है कि सब कुछ करने के बावजूद अपने मन का काम करने के लिए उनके पास एक-दो घंटे भी नहीं बचते हैं।
