Hindi Poem: औरत करती कितने काम, बात भले ये लगती आम, तनिक नहीं मिलता आराम, काम चले बस सुबहो शाम,*दिनचर्या*की कर लो बात, सम है उसके तो दिन रात,पाँच बजे से पहले जाग, पूरा दिन फिर भागमभाग । सबसे पहले करें स्नान, फिर देवों का हो सम्मान,बना पिलाती सबको चाय, वो ही सबकी नींद भगाय,फिर तो कामों […]
