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सीखना एक निरंतर प्रक्रिया है

Sadhguru learning is a continuous process एक शिक्षक एक शाश्वत छात्र होता है। जिस क्षण वह छात्र होना बंद कर देता है, फिर वह एक शिक्षक नहीं रह जाता है। यह सीखने की एक निरंतर प्रक्रिया है। शिक्षण करना तुम्हारे विकास के लिए है और इस प्रक्रिया के दौरान किसी और को भी लाभ प्राप्त […]

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Sadhguru : आत्मा, इकाइयों से परे है

एक गुरु की भूमिका उस हर चीज को नष्ट करना है जो सत्य नहीं है। बस इतना ही। कोई किसी को वास्तविकता तक कभी नहीं पहुंचा सकता, लेकिन अगर तुम सभी असत्य को नष्ट करने के लिए तैयार हो, फिर तुम वहां पहुंच जाओगे। जिसे तुम आत्मा के रूप में जानते हो, वह कोई इकाई […]

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बिना गुरु के रूपांतरण संभव नहीं – सद्गुरु

बिना गुरु के कोई आध्यात्मिक प्रक्रिया नहीं हो सकती। उसके बिना तुम स्वयं को रूपांतरित नहीं कर सकते। तुम अपने आप को एक ऐसी चीज में कैसे रूपांतरित कर सकते हो जिसे तुम नहीं जानते हो? तुम केवल उसी दिशा में काम कर सकते हो जिसे तुम जानते हो, है कि नहीं?

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चुनाव चेतनापूर्वक करो – सद्गुरु

जिस तरह से तुम जी रहे हो, यह तुम्हारा ही चुनाव है, लेकिन चुनाव बिना किसी चेतनता के लिए गए हैं- अचेतन चुनाव। तुम जो भी चुनाव करते हो, उसे चेतनापूर्वक करो। एक साधारण सा भी काम।

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मृत्यु का भय – सद्गुरु

इस शरीर के साथ तुम्हारी पहचान इतनी मजबूत हो गई है, क्योंकि तुमने दूसरे आयामों का कभी अन्वेषण नहीं किया। अगर तुमने अनुभव के दूसरे आयामों का अन्वेषण किया होता, फिर शरीर कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं होता, लेकिन अभी तुम्हारे जीवन का संपूर्ण अनुभव इस शरीर तक सीमित है।

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तुम अपना भाग्य फिर से लिख सकते हो – सद्गुरु

अगर तुम अपने अंतरतम को स्पर्श कर सकते हो, अगर तुम एक क्षण के लिए यह देख सको, ‘हर चीज मेरा उत्तरदायित्व है, और अपना संपूर्ण ध्यान स्वयं पर केन्द्रित कर सको, तो तुम अपना भाग्य फिर से लिख सकते हो।

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