Hindi Vyangya: उपदेशकों को कौन रोक सकता है, वे अपनी सलाहगिरी का एकालाप जारी रखेंगे और आपको भुगतनी होगी उनकी शातिराना सलाह। सही कहा है, दूसरों को उपदेश देने वाले एक से एक नायाब माहिर लोग मिल जायेंगे। दूसरों को बैंगन परहेज में बतायेंगे और खुद रोज उसका भुर्ता बना कर खायेंगे। मुझे उपदेश दिया […]
Author Archives: पूरन सरमा
Posted inहिंदी कहानियाँ
महाकवि मौजानन्द – गृहलक्ष्मी की कहानियां
Story in Hindi: महाकवि नीरज जी कहते हैं, ‘मनुष्य होना भाग्य है, कवि होना सौभाग्य, लेकिन यह तो किसी महापुरुष ने नहीं बताया कि कवि का पड़ोसी होना है, दुर्भाग्य। वह कैसे? जानिए इस व्यंग्य से- मौजानन्दजी महाकवि को आज कौन नहीं जानता। साहित्य की गोष्ठी हो या कविता पाठ का कार्यक्रम, मौजानन्दजी अपनी-अपनी मौज […]
