Guru Nanak Dev: सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी का रुझान बचपन से ही अध्यात्म की तरफ था। नानक जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और रूढ़ियों को तोड़ा आइए नानक देव जी की आध्यात्मिक यात्रा को इस लेख से जानें। इस धरती पर मनुष्य में जब भी सात्विक गुणों का विकास करना होता […]
Author Archives: देवप्रिया सिंह
दयानंद जी का अध्यात्म और देश-प्रेम
Swami Dayanand Saraswati: अध्यात्म और देश-प्रेम दोनों एक दूसरे के पूरक हैं, क्योंकि बिना अध्यात्म के एक सुन्दर व्यक्तित्व की कल्पना करना असंभव है, बिना सुन्दर व्यक्तित्व के एक सुन्दर राष्ट्र की कल्पना करना असंभव है, जो स्वयं सुन्दर नहीं बना वह औरों को क्या सुन्दर बनाएगा, क्या मात्र कुछ कर्मकांड कर देने से धर्म […]
हम नित्य नवीन हो: Life Lesson
Life Lesson: जीवन में नवीनता का अर्थ क्या है नित्य नवीनता, नित्यनूतन सकारात्मकता। उस परमात्मा के उद्देश्य को पूर्ण करना जिसने बड़े प्रेम से सृष्टिï और मनुष्य की रचना की है, इस शरीर में सब कुछ होते हुए भी प्राण निकलने पर इस शरीर में दुर्गंध आने लगती है। अगर हम एक पेंटिंग बनाते हैं […]
विश्व का महापर्व नववर्ष: New Year
New Year: विश्व के सभी देशों की अपनी अलग परंपराएं और पर्व होते हैं। किन्तु नववर्ष एक ऐसा पर्व है जोसभी देशों द्वारा एक साथ मनाया जाता है। भले ही इस पर्व को मनाने के तरीके अलग हों। न ववर्ष के विश्वव्यापी त्योहार को मनाने के पीछे कई धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मान्यताएं रही हैं। […]
युवा जगे! देश जगे!
Importance of Youth: किसी देश का युवा ही उस राष्ट्र की रीढ़ होता है। सचमुच कोई देश तभी जागता है जब उस देश का युवा जगता है, युवा वर्ग में जो उत्साह एवं ऊर्जा होती है वह किसी अन्य वर्ग में नहीं होती, परन्तु इस ऊर्जा का सार्थक एवं सकारात्मक प्रयोग युवा कैसे करे यह […]
श्रीराम और पशु-पक्षी
Shri Ram Katha: कहते हैं श्रीराम एक ऐसा पवित्र आश्रय है जिसमें पशु-पक्षी अथवा किसी भी योनि के प्राणी उसमें आश्रय पा जाते हंै।भारत के उत्तरी भाग में एक प्रसिद्ध मठ था जो कलिंजर के नाम से जाना जाता था, वहां श्री राम का राज्य था, रामचंद्र जी लक्ष्मण के साथ वार्ता कर रहे थे, […]
भगवान गणेश की महिमा
Ganesh Glory: सबकी मनोरथ पूर्ण करने वाले गजानन, गणेश जी अनेक नामों से जानें जाते हैं। गणेश जी की महिमाओं का बखान करती कथाओं को आइए जानते हैं लेख से। जब भी हम किसी शुभ कार्य की शुरुआत करते हैं तो सर्वप्रथम हम गणेश जी की पूजा अर्चना करते हैं।बहुत ही पवित्र हृदय से हम […]
गिरिधर म्हारौ सांचो प्रीतम
Hindi Adhyatm: प्रकृति के सभी जीवों की संरचना सृष्टिï रचयिता ब्रह्मïा ने की है। प्रेम सृजन का पर्याय है चाहे जीव, जन्तु हो या मनुष्य अन्यथा संसार का कोई भी प्राणी हो उसे जीवन में प्रेम की आवश्यकता पड़ती है। प्रेम संजीवनी बूटी भी है और लेप भी, ईश्वर भी प्रेम का ही प्रतिरूप है। […]
