Hindi Poem: मैं लड़की हूं,पर अब लड़की नहीं रहना चाहतीसोचती थी, मैं भी अपने माता पिता केजीने का सहारा बनूँ, एक डॉक्टर बनीलड़की थी तो क्या ,मैं भी सर ऊंचा कर जी रही थीआज सोच बदल गई मेरीकाश मैं भी लड़का होती मुझे भी मनमानी करने का लाइंसेंस मिल जातारात को घर आती ,ना आती […]
Author Archives: डॉ पूजा भारद्वाज
Posted inकविता-शायरी, हिंदी कहानियाँ
आखिर कौन-गृहलक्ष्मी की कविता
Hindi Poem: त्राहि त्राहि मच रही चहुं औरगलती किस की ये बताए आखिर कौनइंसान होना गुनाह हुआया हिंदू होना पाप हैआखिर क्या गलती हुई किस सेइसका जवाब देगा अब कौनरक्षा करी अपने देश की ,ओर आज धूं धूं कर जल रहा आखिर कौनआज़ादी दिलाई,शांति का पाठ पढ़ायाआज का युवा कुछ यूं बदला रहाएक नया इतिहास […]
