Hindi Kahani: “बिटिया एक बात पूछूं बुरा तो नहीं मानोगी मैंने तुम्हें कभी हंसते हुए नहीं देखा ऐसा क्यों है मुझे हमेशा तुम्हारी आंखों में एक दर्द दिखाई देता है” काम्या के घर में काम करने वाली कमली चाची ने एक उससे पूछ ही लिया काम्या कमली चाची को मां जैसा सम्मान देती थी ।काम्या […]
Author Archives: डॉ कंचन शुक्ला
अपमानित सिंदूर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Grehlakshmi Ki Kahani: निशा जल्दी-जल्दी घर के कामों को निपटाने में लगी थी, आज उसकी किटी थी, उसे वहां पहुंचना था। ‘मां जी, मैंने खाना बनाकर डाइनिंग टेबल पर लगा दिया है, आप और पापाजी खा लीजिएगा, मैं शाम की चाय से पहले आ जाऊंगी निशा ने अपनी सास से कहा। ‘ठीक है बहू, तुम […]
मेंहदी रचे हाथ-प्रेम कहानी
Hindi Love Stories: “मेहंदी लाकर रखना डोली सजाकर रखना आएंगे तुझको लेने गोरी तेरे सजना”हाल में यह गाना बज रहा था। अपनी सखियों के बीच घिरी मेहुल के हाथों पर मेहंदी लग रही थी, साथ में उसकी सहेलियां उसे छेड़ भी रहीं थीं। जिसे सुनकर मेहुल का चेहरा शर्म से लाल हो रहा था। मेहुल […]
