आखिर पिछले इतवार को सबा मर गई। न, मर तो वह दो साल पहले ही गई थी, जब तेरह साल की मासूम बच्ची को घरवालों की बंदिशों ने घुटन के समुंदर में डुबो दिया था। शुरुआत बुरके से हुई। ‘तुम्हारे लिए यह बुरका कैसा रहेगा, सबा?’ बड़ी भाभी के मुंह से यह सुनकर दो पल […]
