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होली है..-गृहलक्ष्मी की कविता

Holi Poem: प्रेम विश्वास का पर्व ये होलीवैर द्वेष को आओ मारें गोलीहोली है… न रहे मन में अब कोई गांठ बाकीनिस्वार्थ प्रेम दिलों में भर देंआओ रंगों से ये जीवन रंग देंमधुर संदेश देने आयी देखो फिर से यें रंगीली होली “मैं” को भूलो “हम” को जीयो“मैं” कि मुक्ति से जीवन बने ये सुन्दरजो […]

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