Jaisalmer desert offering thrilling safari and scenic sunsets.
Experience culture, adventure, and peace in desert landscapes.

Summary : सम सैंड ड्यून्स गांव की खास बात

शाम होते ही जब यहां रेत सुनहरी से नारंगी होती है, ऊंटों की घंटियां बजती हैं, लोकगीत गूंजते हैं और दूर तक फैले टीलों पर सूरज डूबने लगता है तो ऐसा लगता है मानो समय ठहर गया हो।

Jaisalmer Sam Desert Experience: राजस्थान के थार मरुस्थल में फैली सुनहरी रेत का सबसे खूबसूरत और जीवंत चेहरा अगर कहीं देखने को मिलता है तो वह है जैसलमेर के पास स्थित सम सैंड ड्यून्स का गांव। यह छोटा-सा रेगिस्तानी इलाका सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि रोमांच, विरासत, लोक-संस्कृति और प्राकृतिक विस्तार का अनुभव कराता जीवंत संसार है। शाम होते ही जब यहां रेत सुनहरी से नारंगी होती है, ऊंटों की घंटियां बजती हैं, लोकगीत गूंजते हैं और दूर तक फैले टीलों पर सूरज डूबने लगता है तो ऐसा लगता है मानो समय ठहर गया हो। यही कारण है कि यह जगह घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बन चुकी है। 

Jaisalmer Sam Desert
Golden sunset glowing beautifully over endless desert sand dunes.

सम गांव की सबसे बड़ी खूबी है यहां के विशाल रेत के टीले। ऊंट सफारी और जीप राइड के माध्यम से इन टीलों पर सफर करना रोमांच और अनुभूति का अद्भुत मिश्रण है। शाम के समय सूरज धीरे-धीरे रेत पर अपना रंग बिखेरता है और बदलते रंगों का यह दृश्य हर यात्री के कैमरे में कैद हो जाता है। जो लोग फोटोग्राफी पसंद करते हैं उनके लिए यह जगह एक स्वर्ग है। हवा की आवाज, रेत का स्पर्श और अनंत क्षितिज। ये सब मिलकर एक ऐसा क्षण रचते हैं जिसे भूलना आसान नहीं।

सम सैंड ड्यून्स में रात का समय एक अलग ही दुनिया का आरंभ होता है। लोक कलाकार ढोलक, खड़ताल और सारंगी की धुनों पर प्रदर्शन करते हैं और पर्यटक आग के चक्र में बैठकर राजस्थानी लोकनृत्य, कलाकारी और गाथाओं का आनंद लेते हैं। यह केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की सुंदर पहल है। यहां के कैंप रात में पूरी जगमगाहट के साथ सजते हैं और हर प्रदर्शन कलाकार की ऊर्जा दर्शकों को सम्मोहित कर देती है। 

Desert camping nights filled with stars and serenity.
Desert camping nights filled with stars and serenity.

सम गांव में रहने का सबसे लोकप्रिय विकल्प है- डेजर्ट कैंप। ये कैंप साधारण से लेकर लग्जरी तक उपलब्ध हैं और इनमें राजस्थानी भोजन, लोक-संगीत, बोनफायर और आरामदायक टेंट की सुविधा मिलती है। अगर आप शहर के शोर से दूर, तारों भरी रात का आनंद लेना चाहते हैं तो यह जगह आपके आत्मिक सुख के लिए है। रात का सन्नाटा, दूर से आती डुगडुगी की आवाज और खुले आसमान की चमक आपके यात्रा अनुभव को अनोखा बनाती है।

जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से फरवरी तक माना जाता है जब मौसम ठंडा और सफर के लिए अनुकूल होता है। सम गांव, जैसलमेर शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और टैक्सी, बाइक या बस के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। अगर आप रोड ट्रिप पसंद करते हैं तो जैसलमेर से सम तक का रास्ता एक सुंदर ड्राइव का अनुभव देता है जहां सड़क के दोनों ओर रेत का अनंत विस्तार दिखाई देता है।

Tasty local food with exciting desert adventure activities.
Tasty local food with exciting desert adventure activities.

रेगिस्तानी इलाके में पानी एक बहुमूल्य संसाधन है इसलिए यात्रा के दौरान पानी साथ रखें। राजस्थानी खाना जैसे दाल-बाटी, कढ़ी, मोहनथाल और स्थानीय नाश्ते का स्वाद जरूर लें। गतिविधियों के लिए आप ऊंट-सवारी, पैरासेलिंग, क्वाड बाइकिंग या सिर्फ टीलों पर बैठकर हवा में हाथ झुलाने जैसा सरल आनंद भी ले सकते हैं। शाम के समय टीलों पर भीड़ होती है इसलिए अगर आप शांति चाहते हैं तो सुबह या दोपहर में जाएं।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...