Bandhan
Bandhan

Love Short Story: राखी हवा में उड़ रही थी। अब राखी बस कूदो -हम हैं, ग्लाइडर तुम्हारे पीछे है। मम्मी मुझे सूसू आ रहा है | मम्मी मम्मी उठो -ईशान ने ज़ोर से कहा। राखी हड़बड़ा कर उठ गयी। राखी जो एक 24 साल की हाउस वाइफ थी।
ईशान उसका 3 साल का बेटा था। उसका पति एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत था। उसका वही रोज़ की दिनचर्या थी।
सुबह उठ कर नाश्ता तैयार करना और फिर अपना रूटीन वर्क में लग जाना। राखी को बचपन से आर्मी में जाने का शौक था।
पर बड़े होते होते उसे समझ आ गया कि शौक सिर्फ शौक होते हैं। हक़ीक़त कुछ और ही होती है। चार बहनो में सबसे छोटी राखी एक अनचाही औलाद थी। माँ बाप को लड़का चाहिए था, हो गयी लड़की। गवर्नमेंट स्कूल से पढ़कर अपने आप मदुरई यूनिवर्सिटी से science में Bsc. किया। फिर बस माँ बाप ने रिश्ता देखना शुरू कर दिया, सुजीत जो एक मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत था उससे विवाह कर दिया।
राखी अब एक ५ साल के बच्चे की माँ थी। लेकिन रोज़ व्यायाम करना और यूट्यूब पर कॉम्बैट ट्रेनिंग के वीडियोस देखती थी और घर पर प्रैक्टिस करती थी |
उसे शायद लगता था कि मौसम बदलेगा और आंधी आएगी और उस आंधी में वह अपना मुकाम ज़रूर हासिल कर लेगी।
दिन ऐसे ही निकल रहे थे। एक दिन सुजीत की छुट्टी थी। राखी ने कहा -” सुजीत मेरा मन करता है कि मैं देश के लिए कुछ करूँ। सुजीत ने मुस्कुरा कर कहा अच्छा क्या आर्म्ड फोर्सेज में जाना चाहती हो ?
हां डार्लिंग तुमने मेरे मन की बात कह दी। ” सुजीत ने कहा इतना आसान है क्या आर्म्ड फोर्सेज में जाना -ईशान का क्या होगा ?”
यार तुम अपनी मम्मी को बुला लो और मेरा सेलेक्शन हो जायेगा तो मैं कोशिश करूंगी की पोस्टिंग यहाँ करा लूँ | सुजीत ने पहले तो बिलकुल मना कर दिया।
पर जब उसने राखी का मुरझाया चेहरा देखा तो हां कर दी।


राखी का चेहरा एकदम से खिल उठाफ उसे ऐसा लगा जैसे उसे पँख मिल गए हो। और सारे बंधन से आज़ाद हो गयी हो। उसने ज़ोर शोर से आर्मी की तैयारी शुरू कर दी।
और आज एक साल बाद उसका चयन आर्मी में हो गया। कभी कभी बंधन अच्छा भी होता है। इस शादी के बंधन से आज़ाद होकर वह अब देश बंधन के लिए तैयार थी।
लेफ्टिनॉट राखी राठौर ड्यूटी पर तैयार है।