Dengue Symptoms in children
Dengue Symptoms in children Credit: Istock

Summary: डेंगू के लक्षण, इलाज और बचाव जानकारी

बरसात में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है, बच्चों में इसके लक्षण पहचानें और समय पर बचाव करें।

Dengue Symptoms in Children: बरसात के मौसम में वातावरण नमी और उमस से भरे होने के साथ-साथ, जगह-जगह पानी का भराव भी होता है जो कि मच्छरों के प्रजनन के लिए सही माहौल तैयार करता है। बरसात के मौसम में तरह-तरह के बीमारी फैलने वाले मच्छर सक्रिय हो जाते हैं। इसी समय पर डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छर भी सक्रिय हो जाते हैं। डेंगू फैलाने वाले मच्छर ठहरे हुए साफ पानी में तेजी से पनपते हैं। जुलाई से अक्टूबर नमी और उमस से भरा मौसम होता है इसमें तेजी से उनकी वृद्धि होती है। यही कारण है कि इन महीना में डेंगू के मामलों में तेजी आती है। आइए इस लेख में जानते हैं इस दौरान कैसे आप अपने बच्चों को डेंगू से सुरक्षित रख सकते हैं।

Dengue Symptoms in children
Dengue Symptoms in children

डेंगू एक वायरल बुखार है जो कि मच्छरों के काटने से होता है। डेंगू वायरस के वाहक के रूप में मादा एडीज एजिप्टी मच्छर कार्य करते हैं। जब यह मच्छर इंसान को काटते हैं तो वह उसके खून में डेंगू के वायरस को छोड़ देते हैं जो कि डेंगू बुखार का कारण बनता है। डेंगू के वायरस चार प्रकार के पाए जाते हैं DEN-1, DEN-2, DEN-3, DEN-4

बच्चों में डेंगू के मुख्य लक्षण: डेंगू बुखार के लक्षण बड़ों के मुकाबले बच्चों में थोड़े अलग हो सकते हैं खास तौर पर छोटे बच्चों या नवजात शिशु में। बच्चों में डेंगू के लक्षण है,

तेज बुखार के साथ सर, शरीर, आंखों के पीछे, जोड़ो और मांसपेशियों में तेज दर्द का होना।

बच्चों में सुस्ती, चिड़चिड़ापन रहना, भूख न लगना, उल्टी या मतली होना। अगर स्थिति गंभीर है तो बच्चे के पेट में तेज दर्द और आंतरिक रक्त स्राव भी हो सकता है। इसके अलावा नाक और मसूड़े से खून आने जैसे लक्षण नजर आते हैं।

अगर बच्चे में यह लक्षण नजर आ रहे हैं तो बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर से मिलें।

डेंगू के प्रकार: डेंगू की गंभीरता के अनुसार डेंगू के तीन प्रकार है

डेंगू फीवर: यह स्थिति सामान्य है, इसमें बुखार दर्द के साथ डेंगू के सामान्य लक्षण नजर आते हैं।

डेंगू हेमोरेजिक फीवर (DHF) यह सामान्य से थोड़ी गंभीर स्थिति है, इसमें शरीर के अंदर खून बहने की समस्या होती है।

डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS) यह सबसे गंभीर तथा जानलेवा स्थिती है। इसमें शरीर का ब्लड प्रेशर तेजी से गिरता है।

बच्चों को मच्छरों के काटने से बचाने के लिए पूरे कपड़े पहनाएं। उनका शरीर कपड़ों से ढाका रहे।

सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। अगर बच्चा दिन में भी सो रहा है तो उसे मच्छरदानी में ही सुलाएं।

बच्चों के घर से बाहर खेलते समय मच्छर भगाने वाले क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें।

घर के आसपास या घर के अंदर खुले में पानी इकट्ठा न होने के दे। जिन जगहों पर मच्छर पनपने की ज्यादा संभावना हो उसकी समय-समय पर सफाई करें।

खिड़कियों और दरवाजों पर जाली का प्रयोग करें ताकि मच्छर घर के अंदर कम आ पाए।

विशेष ध्यान: डॉक्टर से बिना पूछे खुद से किसी निर्णय पर पहुंच कर बच्चे को दबा ना दें, यह उसकी स्थिति को बिगाड़ सकता है।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...