summary: अब भी दिलों पर राज करता शो: मालगुडी डेज की सादगी और गहराई का जादू
‘मालगुडी डेज’ एक क्लासिक टीवी शो है जो 1986 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था। यह आर.के. नारायण की कहानियों पर आधारित है और ग्रामीण भारत की सादगी और मानवीय भावनाओं को बेहद खूबसूरती से दर्शाता है।
Malgudi Days: आज के डिजिटल युग में ओटीटी प्लेटफॉर्म लोगों के मनोरंजन का सबसे पसंदीदा माध्यम बन चुके हैं। जहां एक ओर कई दर्शक सिनेमाघर में जाकर फिल्में देखने का अनुभव लेना पसंद करते हैं, वहीं अधिकांश लोग अपने स्मार्टफोन या टीवी पर ओटीटी के जरिए ही मनोरंजन करना पसंद करते हैं।
‘मिर्जापुर’, ‘पंचायत’, ‘गुल्लक’, ‘सेक्रेड गेम्स’ और ‘द फैमिली मैन’ जैसी सीरीज ने दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई है और इन्हें बेहतरीन रेटिंग भी मिली हैं। हालांकि, इन सभी चर्चित वेब सीरीज के बीच एक ऐसा क्लासिक टीवी शो ‘मालगुडी डेज़’ है, जो आज भी लोगों की जुबान पर है, और उसे देखकर ‘पंचायत’ जैसी सीरीज भी फीकी लगने लगती है।
39 साल पहले आया शो, आज भी है चर्चा में
हम बात कर रहे हैं ‘मालगुडी डेज़’ की एक ऐसा टीवी शो जो साल 1986 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ करता था। ये शो आर.के. नारायण की कहानियों पर आधारित था और आज भी इसके किरदारों और कहानियों को लोग बड़े चाव से याद करते हैं। ‘मालगुडी डेज’ को देखकर लोगों के चेहरे पर एक सुकूनभरी मुस्कान आ जाती है, क्योंकि यह शो ग्रामीण भारत की सादगी, जीवन के छोटे-छोटे पलों और मानवीय भावनाओं को बेहद सहज तरीके से पेश करता है।
उधार के पैसों से बनी थी ‘मालगुडी डेज’

दिलचस्प बात यह है कि इस शो को बनाने के लिए उस वक्त मेकर्स को उधार तक लेना पड़ा था। लेकिन जब यह शो ऑनएयर हुआ, तो इसकी सादगी, गहराई और मनोरंजन ने दर्शकों का दिल जीत लिया। ‘मालगुडी डेज’ के पहले तीन सीजन का निर्देशन प्रसिद्ध अभिनेता-निर्देशक शंकर नाग ने किया था, जबकि चौथे सीजन को कविता लंकेश ने निर्देशित किया। इस शो के हिंदी में 50 से अधिक एपिसोड प्रसारित हुए, जबकि अंग्रेजी संस्करण में 13 एपिसोड्स थे।
‘मालगुडी डेज’ की सबसे बड़ी खूबी इसकी सरलता, गांव के जीवन की सजीव झलक और इंसानी भावनाओं को बेहद संवेदनशील ढंग से पेश करना था, जिसने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी का दिल जीत लिया। यही वजह है कि आज भी इस शो की IMDb रेटिंग 9.4 बनी हुई है, जो इसे भारतीय टेलीविज़न के सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रमों में शुमार करती है।
निर्देशन और निर्माण की दिलचस्प कहानी

‘मालगुडी डेज’ के पहले तीन सीजन का निर्देशन दक्षिण भारतीय अभिनेता और फिल्मकार शंकर नाग ने किया था। उनकी रचनात्मक दृष्टि और ग्रामीण भारत को चित्रित करने की समझ ने इस शो को खास बना दिया। चौथे सीजन का निर्देशन कविता लंकेश ने किया, जिन्होंने अपने अंदाज़ में इस शो को नई दिशा दी। शो की कास्टिंग, सेट डिजाइन और पार्श्व संगीत ने दर्शकों को ऐसा अनुभव दिया जैसे वे खुद उस गांव का हिस्सा हों।
कहां और कैसे देख सकते हैं ‘मालगुडी डेज’?
अगर आपने अब तक यह शो नहीं देखा है या दोबारा देखना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। ‘मालगुडी डेज’ अब यूट्यूब पर उपलब्ध है और साथ ही यह अमेजन प्राइम वीडियो पर भी स्ट्रीमिंग के लिए मौजूद है। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए साल 2020 में इसी नाम से एक फिल्म भी बनाई गई, जिसे किशोर मूडबिद्री ने निर्देशित किया था।
