Summary: दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा: ब्रह्मांड की रहस्यमयी तस्वीरें और विज्ञान में क्रांति
चिली के वेरा सी. रुबिन ऑब्जर्वेटरी में लगा 3200 मेगापिक्सल वाला यह कैमरा हर रात अंतरिक्ष की अद्भुत तस्वीरें भेज रहा है और ब्रह्मांड का मैप तैयार कर रहा है।
World’s Largest Camera: ब्रह्मांड की रहस्यमयी दुनिया को देखने और समझने के लिए वैज्ञानिक लगातार कोशिश करते रहते हैं और उनकी ही कोशिशों का परिणाम है कि उन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा तैयार किया है। इस डिजिटल कैमरे को दक्षिण अमेरिकी देश चिली के वेरा सी. रूबिन ऑब्जर्वेटरी में लगाया गया है, जो दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा है। इस कैमरे से खींची तस्वीर इतनी बड़ी है कि इसे देखने के लिए 400 टीवी एकसाथ लगाने पड़ेंगे।
23 जून को इस कैमरे ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरिक्ष की पहली अनोखी तस्वीरें भेजी है, जिन्हें देखकर पूरी दुनिया के लोग हैरान हैं। 3,200 मेगापिक्सल क्षमता वाला यह कैमरा अब तक का सबसे शक्तिशाली और उन्नत उपकरण वाला कैमरा है, जिसने ब्रह्मांड की अनदेखी व सबसे अद्भुत झलक को हमारे सामने पेश की है।
कहाँ लगाया गया है यह डिजिटल कैमरा और क्या है इसकी खासियत

इस डिजिटल कैमरे को चिली की पहाड़ी पर वेरा सी. रुबिन ऑब्जर्वेटरी में लगाया गया है। इसे यहाँ इसलिए स्थापित किया गया क्योंकि यहाँ का सूखा वातावरण और साफ आसमान गहरे अंतरिक्ष की स्पष्ट तस्वीरें लेने के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त है। यह कैमरा हर रात 20 टेराबाइट डेटा जनरेट करता है। यह कैमरा एक बार में 9.6 वर्ग डिग्री स्काई कवर करता है। इसमें 189 सीसीडी सेंसर लगा है और यह 7 रंगों में तस्वीरें लेता है।
एलएसएसटी यानी लेगेसी सर्वे ऑफ स्पेस ऐंड टाइम नाम का यह कैमरा केवल आकार में ही बड़े साइज़ का है नहीं है, बल्कि इसकी क्षमता भी काफी ज्यादा व अनोखी है। जहां सामान्य मोबाइल फोन के कैमरे 50 मेगापिक्सल तक के होते हैं, वहीं एलएसएसटी वाला यह डिजिटल कैमरा 3,200 मेगापिक्सल का है। इसका आकार एक छोटी कार के जितना बड़ा है और इसका वजन करीब 2,800 किलो है।
क्या है इस डिजिटल कैमरे का उद्देश्य

इस डिजिटल कैमरे का उद्देश्य सिर्फ तस्वीरें लेना ही नहीं है, बल्कि पूरे ब्रह्मांड का मैप तैयार करना भी है। यह कैमरा अगले 10 सालों तक काम करेगा और इसकी तस्वीरों पर धब्बे ना आएं इसके लिए सेंसर के ग्रिड को माइनस 100 डिग्री तापमान में राखा गया है। यह हर रात 1 हजार तस्वीरें लेगा और करीब 20 अरब आकाशगंगाओं का कैटलॉग तैयार करेगा। इस कैमरे द्वारा ली गई तस्वीरें केवल ब्रह्मांड की खूबसूरत नज़ारे देखने के लिए ही नहीं हैं, बल्कि विज्ञान के लिए बेहद अहम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तस्वीरों से हमारी मिल्की वे आकाशगंगा की संरचना को बेहतर समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा डार्क मैटर और डार्क एनर्जी जैसे रहस्यों से भी पर्दा उठने की संभावना है।
क्या है इस डिजिटल कैमरे का उद्देश्य और इसका महत्व

यह डिजिटल कैमरा लाखों एस्टेरॉयड, कॉमेट्स और सुपरनोवा की पहचान करेगा। साथ ही यह पृथ्वी के लिए संभावित खतरों की निगरानी और समय पर चेतावनी देने में भी सहायक होगा। यह कैमरा वैज्ञानिक रिसर्च के लिए भी 15 पेटाबाइट डेटा स्टोर करेगा, जो लाखों घंटे की वीडियो के बराबर होगी।
