Headache and Sexual Desire
Headache and Sexual Desire Credit: Istock

Overview:

40 की उम्र में पुरुषों में शीघ्रपतन एक आम समस्या है। चिकित्सक से परामर्श और साथी के साथ संवाद से यौन स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में सुधार संभव है।

Premature Ejaculation Treatment: उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं को ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी कई तरह की शारीरिक,मानसिक और सेक्‍सुअल समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर 40 की उम्र के बाद पुरुषों में प्रीमेच्‍योर इजेकुलेशन की शुरुआत हो जाती है। हालांकि सभी पुरुषों को इस समस्‍या का सामना नहीं करना पड़ता लेकिन खराब लाइफस्‍टाइल और खानपान की वजह से शहरी पुरुषों पर इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। प्रीमेच्योर इजेकुलेशन यानी शीघ्रपतन 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में एक आम यौन समस्या है, जो उनके आत्मविश्वास और रिश्तों को प्रभावित करती है। आखिर ये समस्‍या क्‍यों उत्‍पन्‍न होती है और इसका क्‍या उपाय है चलिए जानते हैं।

क्‍या है प्रीमैच्‍योर इजेकुलेशन

Premature Ejaculation Treatment-प्रीमेच्‍योर इजेकुलेशन से खराब हो सकती है सेक्‍स लाइफ
What is premature ejaculation

प्रीमेच्‍योर इजेकुलेशन को सामान्‍य भाषा में शीघ्रपतन कहा जाता है। ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें मेल पार्टनर लो इंट्रेस्‍ट के साथ समय से पहले वीर्य स्खलन कर देता है। यह समस्या 30-60 प्रतिशत पुरुषों को जीवन में कभी न कभी जरूर प्रभावित करती है।

प्रीमेच्‍योर इजेकुलेशन के प्रकार

प्रीमेच्‍योर इजेकुलेशन दो प्रकार का हो सकता है। पहला प्राइमरी, जो यौन जीवन की शुरुआत से मौजूद होता है और दूसरा सेकेंडरी, उम्र बढ़ने के साथ या किसी प्रकार की चोट लगने के बाद विकसित होता है। वैसे तो ये समस्‍या अधिक के पुरुषों को परेशान करती है लेकिन आजकल कम उम्र के लड़के भी इस समस्‍या से चपेट में आ गए हैं।

प्रीमेच्‍योर इजेकुलेशन के कारण

– बेहतर परफॉर्मेंस की चिंता

– तनाव

– अवसाद

– रिश्तों में समस्याएं

– पिछले यौन अनुभवों से जुड़ा अपराधबोध

– इरेक्टाइल डिसफंक्शन

–  हार्मोनल असंतुलन (टेस्टोस्टेरोन, एलएच,एफएसएच)

– न्यूरोट्रांसमीटर (सेरोटोनिन, डोपामाइन) में असंतुलन

– प्रोस्टेट समस्‍या

– साइकोट्रोपिक दवाओं का उपयोग

– बचपन में किसी दर्दनाक घटना का इतिहास

प्रीमेच्‍योर इजेकुलेशन के लक्षण

प्रीमेच्‍योर इजेकुलेशन से खराब हो सकती है सेक्‍स लाइफ
Symptoms of premature ejaculation

– सेक्‍सुअल इंटरकोर्स की छोटी अवधि

– परफॉर्मेंस से पहले हताशा

– चिंता

– शर्मिंदगी

– सेक्‍सुअल गतिविधि से परहेज करना

– संबंध बनाने में कठिनाई

– सेक्‍स के प्रति कम रुचि

प्रीमेच्‍योर इजे‍कुलेशन का इलाज

बिहेवियरल टेक्‍नीक: इजेकुलेशन समय को बेहतर करने के लिए कुछ टेक्‍नीक का उपयोग किया जा सकता है। जैसे- यौन गतिविधि से एक या दो घंटे पहले हस्तमैथुन करने से नियंत्रण में सुधार हो सकता है।

पेल्विक फ्लोर व्यायाम: पेल्विक फ्लोर व्यायाम करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जो स्खलन के समय नियंत्रण में सुधार कर सकती हैं।

सेक्स थेरेपी: स्टॉप-स्टार्ट और स्‍क्‍वीज-पॉज सेक्‍स थेरेपी से इजेकुलेशन को रोकने में मदद मिल सकती है। इससे सेक्‍स टाइमिंग में भी सुधार हो सकता है।

काउंसलिंग: बेहतर परफॉर्मेंस की चिंता, अवसाद, रिश्तों की समस्याओं, या पिछले दर्दनाक अनुभवों के लिए काउंसलिंग सत्र लाभकारी हो सकते हैं।

कंडोम: मोटे कंडोम या सुन्न करने वाले एजेंट कंडोम का उपयोग शीघ्रपतन को बेहतर करने में मदद कर सकता है। कुछ सुन्न करने वाली दवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

मौखिक दवाएं: कुछ एंटीडिप्रेसेंट दवाएं जैसे सेरट्रालाइन, फ्लुओक्सेटीन, पैरॉक्सेटीन, या डैपॉक्सेटीन का उपयोग किया जा सकता है। यदि ये काम न करें, तो ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट का उपयोग कर सकते हैं।

चिकित्‍सक से सलाह: 40 की उम्र में पुरुषों को चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। साथी के साथ खुला संवाद और उपचार आत्मविश्वास और यौन जीवन को बेहतर बना सकते हैं।