Manorama Actress
Manorama Actress

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मनोरमा, तमिल फिल्म इंडस्ट्री की सबसे प्रभावशाली और सम्मानित हस्तियों में से एक थीं। जिन्हें आज भी उनकी कॉमेडी टाइमिंग और स्क्रीन पर प्रभावशाली उपस्थिति के लिए याद किया जाता है।

Manorama Actress: परिस्थितियां कैसी भी हों, अगर इंसान ठान ले तो अपनी किस्मत खुद लिख सकता है। साउथ फिल्म इंडस्ट्री की एक ऐसी ही सशक्त अभिनेत्री ने इस बात को सच कर दिखाया। जिनका नाम है मनोरमा। मनोरमा ने 1500 से ज्यादा फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से लाखों दिलों पर राज किया। उनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जिसमें संघर्ष, त्रासदी और अंततः विजय की गाथा छिपी है।

दुख से जन्मी ‘कॉमेडी क्वीन’

मनोरमा, तमिल फिल्म इंडस्ट्री की सबसे प्रभावशाली और सम्मानित हस्तियों में से एक थीं। जिन्हें आज भी उनकी कॉमेडी टाइमिंग और स्क्रीन पर प्रभावशाली उपस्थिति के लिए याद किया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि मनोरमा को उनके पहले बच्चे के जन्म के ठीक 11 दिन बाद उनके पति ने छोड़ दिया था। मनोरमा के लिए ये एक बड़ा धक्का था। लेकिन इस सदमे के बावजूद, वह तमिल सिनेमा की सबसे शक्तिशाली हस्तियों में से एक बन गईं।

लोगों ने नाम दिया ‘आची’

अपनी हास्य प्रतिभा और प्रभावशाली अभिनय से उन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर राज किया। इस प्रसिद्ध अभिनेत्री को लोगों ने प्यार से नाम दिया ‘आची’। मनोरमा का असली नाम गोपी शांता था। उनका बचपन भी परेशानियों से भरा था। बचपन में ही उनके पिता परिवार को छोड़कर चले गए थे, जिसके बाद उनकी मां ने अकेले ही उनका पालन-पोषण किया। फिल्मों में आने से पहले, उनके अभिनय का सफर थिएटर से शुरू किया।

एक प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत

मनोरमा को थिएटर कंपनी में काम करते हुए एसएम रामनाथन से प्यार हो गया। उन्होंने अपनी मां की इच्छा के विरुद्ध रामनाथन से शादी कर ली। लेकिन उनके बेटे के जन्म के कुछ समय बाद ही रिश्ते में दरार आ गई। रामनाथन ने कथित तौर पर एक ज्योतिषी की भविष्यवाणी के आधार पर मनोरमा को छोड़ दिया। ज्योति​षी का दावा था कि बच्चे के जन्म के बाद रामनाथन की जान खतरे में पड़ जाएगी।

टूटीं, लेकिन बिखरी नहीं

इस घटना से मनोरमा टूट गईं। लेकिन उन्हें खुद पर पूरा विश्वास था। उन्होंने कभी दोबारा शादी न करने का फैसला किया और अपने बेटे भूपति को अकेले ही पालने का निर्णय लिया। वह मंच पर लौट आईं और जल्द ही सिनेमा में अपना रास्ता बना लिया। जहां उन्होंने अपना नाम रखा ‘मनोरमा’। उन्होंने अन्नादुरई और करुणानिधि जैसे प्रमुख राजनीतिक नेताओं से जुड़े थिएटर प्रोडक्शन में काम किया। एमजी रामचंद्रन (एमजीआर), जयललिता और एनटी रामा राव (एनटीआर) जैसे सिनेमाई दिग्गजों के साथ अभिनय किया।

1500 फिल्में, 5000 नाटक

अपने शानदार अभिनय के दम पर मनोरमा को राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ ही पद्म श्री से नवाजा गया। मनोरमा ने 1,500 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। इतना ही नहीं उन्होंने 5,000 से ज्यादा स्टेज नाटकों में अभिनय किया। कई गानों में पार्श्व गायिका के रूप में अपनी आवाज दी। उन्होंने तमिल सिनेमा के लगभग हर प्रमुख अभिनेता के साथ गर्व से स्क्रीन साझा की। इस लिस्ट में एमजीआर, रजनीकांत, शिवाजी, कमल हासन, अजीत, विजय जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

और मिला ‘महिला शिवाजी’ का नाम

भारतीय सिनेमा में मनोरमा ने मुख्य महिला से लेकर हास्य कलाकार, गायिका और चरित्र कलाकार तक हर तरह की भूमिका निभाई। यही कारण था कि उन्हें फिल्मों को ‘महिला शिवाजी’ उपनाम दिया गया। साल 2015 में अस्वस्थता के कारण मनोरमा का निधन हो गया। लेकिन आज भी लोग उन्हें सम्मान से याद करते हैं।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...