Vastu Tips for Roti
Vastu Tips for Roti

Overview: गिनकर रोटी बनाना क्यों अशुभ

गिनकर रोटी बनाना सूर्य देव का अपमान माना जाता है। वास्तु शास्त्र में भी कहा गया है कि, कभी भी रोटी गिनकर नहीं बनानी चाहिए।

Vastu Tips for Roti: रोटी ऐसा पौष्टिक आहार है जोकि आमतौर पर नियमित रूप से हर घर पर बनता है। लेकिन भारतीय संस्कृति में रोटी का संबंध केवल शरीर की आवश्यकता मात्रा नहीं बल्कि आध्यात्मिक प्रक्रिया से भी जुड़ी हुई है। रोटी का संबंध आपके भाग्य और घर के बरकत से भी जुड़ा होता है। इसलिए जाने-अनजाने में रोटी पकाते या खाते समय ऐसी गलतियां ना करें, जिसका असर आपके भाग्य पर पड़े।

वास्तु शास्त्र में घर की छोटी-बड़ी चीजों के बारे में बताया गया है। वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करने से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है। रोटी के संबंध में भी वास्तु शास्त्र में जरूरी नियम बताए गए हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए। जाने-अनजाने में हम कई तरह की गलतियां कर देते हैं जिसका असर घर की आर्थिक स्थिति और सुख-समृद्धि पर पड़ता है। इन्हीं में एक है ‘गिनकर रोटी पकाना’।

कई लोग जरूरत के हिसाब से और घर पर मौजूद सदस्यों के अनुसार गिनकर रोटी पकाते हैं। अन्य चीजों में जरूरत के अनुसार कार्य करना भले ही सही हो सकता है, लेकिन वास्तु शास्त्र की माने तो रोटी कभी भी गिनकर नहीं पकाना चाहिए। आइए जानते हैं आखिर क्यों गिनकर नहीं पकानी चाहिए रोटी और इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है?

सूर्य का अपमान है गिनकर रोटी पकाना

Baking bread by counting is an insult to the Sun.
Baking bread by counting is an insult to the Sun.

वास्तु शास्त्र की माने तो रोटी ऐसा आहार है जिसका संबंध सूर्य से होता है। जब हम गिनकर रोटी बनाते हैं तो इसे सूर्य देव का अपमान माना जाता है। सूर्य देव का अपमान करने या सूर्य देव के नाराज हो जाने से घर में धन-संपत्ति और सुख-शांति में कमी होने लगती है। साथ ही गिनकर रोटी पकाने की आदत से घर के सदस्यों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रहती है, नौकरी-व्यवसाय में तरक्की रुक जाती है और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इसलिए वास्तु शास्त्र के अनुसार कभी भी रोटियां गिनकर नहीं बनानी चाहिए।

रोटी से जुड़े जरूरी नियम

These things keep in mind while making roti
These things keep in mind while making roti
  1. रोटी के संबंध में सबसे जरूरी नियम यह है कि घर पर बनने वाली पहली रोटी गाय और आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाने के लिए निकालनी चाहिए। अगर आसपास गाय उपलब्ध न हो तो आप किसी भूखे या गरीब व्यक्ति को रोटी दान भी कर सकते हैं। ऐसा करने से घर पर बरकत बनी रहती है।
  2. आजकल लोग आटे को गूंथकर फ्रिज में स्टोर कर लेते हैं, जिससे कि समय की बचत हो। लेकिन शास्त्रों के अनुसार इसे गलत बताया गया है। क्योंकि बासी आटे या भोजन का संबंध राहु से होता है। इसलिए हमेशा ताजे गूंथे हुए आटे की ही रोटियां बनाएं। साथ ही आटा गूंथने के बाद इसमें ऊंगलियों के निशान भी छोड़े। इससे परिवार के लोग स्वस्थ रहते हैं और घर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
  3. वास्तु शास्त्र में रोटी बनाने के लिए यह भी बताया गया है कि, रोटी पकाते समय चूल्हे की दिशा सही होनी चाहिए। इसलिए ध्यान रखें कि जब आप रोटी बना रहे हों, तब चूल्हा दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर रखे, क्योंकि यह अग्नि की दिशा मानी जाती है।
  4. रोटी बनाने के लिए हमेशा साफ तवा और बेलन-चकला का ही इस्तेमाल करें। रोटी पकाने के बाद हर बात तवा, बेलन और चकला जरूर धोएं।
  5. हिंदू धर्म में कुछ ऐसे दिन भी होते हैं, जब रोटी नहीं बनाई जाती है। जैसे श्राद्ध के दिन, नाग पंचमी, शीतला अष्टमी, कोजागरी पूर्णिमा और दीपावली के दिन रोटी नहीं बनानी चाहिए।

मेरा नाम पलक सिंह है। मैं एक महिला पत्रकार हूं। मैं पिछले पांच सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैं लाइव इंडिया और सिर्फ न्यूज जैसे संस्थानों में लेखन का काम कर चुकी हूं और वर्तमान में गृहलक्ष्मी से जुड़ी हुई हूं। मुझे...