नहाना यानि के स्नान करना हर इंसान के लिए जरुरी होता है| हिंदू धर्म ही नहीं दुनिया का कोई भी धर्म हो सब में ही नहाना जरुरी कर्म बताया गया हैं क्योंकि इस से इंसान ना केवल शारीरिक रूप से शुद्ध होता है बल्कि मानसिक रूप से भी खुद को स्वस्थ महसूस करता है| साफ़ पानी से किया गया स्नान अनेक रोगों से तो हमारी रक्षा करता ही है साथ ही हमारी सुंदरता को भी बढाता है| इस लिए रोज नहाये पर कई बार हम आलस्य, अधिक सर्दी, बीमारी या फिर समय के अभाव के कारण कई दिन तक मज़बूरी या फिर जानकर ही नहीं नहाते है, और दूसरो को भी ना नहाने की सलाह देते हैं जबकि ये दोनोँ ही बातें बहुत ही गलत हैं| हमारे शास्त्रों में बताया गया है की कुछ विशेष तिथिया पूरे माह में ऐसी होती है जिन पर अगर आप बीमार भी है तो भी आपको नहाना अनिवार्य हैं अगर आप इन तिथियों पर नहीं नहाते हैं तो आप पाप के भागी बनते है| ये लेख एक छोटा सा प्रयास है आपको उन तिथियों के बारे में जानकारी देने का ताकि आप इन सभी प्रमुख तिथियों को हमेशा याद रखे और उन पर ना केवल खुद नहाये बल्क़ि औरों को ऐसा करने की सलाह दे |तो फिर जाने इन तिथियों के बारे में जो की इस तरह से हैं|

  • अमावस्या-अमावस्या तिथि मूलतः पित्रों से जुड़ीं मानी जाती हैं| शास्त्रों में इस दिन पित्रों से संबंधित कार्य करने के लिए बताया गया है| पित्रों का आशीर्वाद पाने के लिए लोग इस दिन विशेष पूजा पाठ  करते व पंडितो से भी करवाते हैं, इस लिए इस दिन स्नान नहीं करने से पित्र नाराज हो जाते है, जिससे उस इंसान के जीवन में पित्र दोष व अनेक प्रकार की परेशानियां उत्पन हो जाती है जो उसके जीवन को असफलताओं से भर देती हैं इस लिए अमावस्या के दिन जरुर नहाये|
  • पूर्णमासी-पूर्णमासी यानि पूर्णिमा को भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए विशेष दिन माना गया है| इस दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की पूजा,व्रत आदि करके भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद पाया जाता है, इस लिए पूर्णिमा के दिन स्नान ना करने से सुख व धन दोनोँ प्रदान करने वाले देवी-देवता  à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤œ हो जाते है जिससे जीवन में ना केवल सुख और शांति में  à¤•मी होती हैं साथ ही धन की भी हानि होती है साथ ही कुटुंब के लोगों से भी मनमुटाव हो जाते है,इस लिए ही पूर्णमासी के दिन  हमारे शास्त्रों में नहाना प्रायः जरुरी ही नहीं बल्कि अनिवार्य बताया गया हैं, इस लिए पूर्णिमा के दिन जरुर नहाये|
  • शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों ही पक्षों की षष्टी, अष्टमी और चतुर्दशी तिथियों को नहाना बहुत जरुरी बताया गया है हिन्दू दर्शन के अनुसार इस दिन अगर हम नहीं नहाते है तो पाप के भागी बनते हैं क्योकि ये सब ही दिन बहुत पवित्र तिथियों की शर्निये में आती है ये तिथि किसी ना किसी देवी और देवता से जुडी मानी गयी है|

इस लिए अगर इन तिथि पर नहीं नहाते है तो आपको दोष तो लगेगा ही साथ उस तिथि से जुड़े देवी या देवता के क्रोध का भी आपको सामना करना ही पड़ेगा जिसका असर आप के साथ आपके पूरे परिवार को भुगतना ही होग, इस लिए ऐसा करने से बचे|

विशेष नोट- आप समस्या आती है कि हैं की अगर आप बीमार है या कहीं सफ़र में या किसी ऐसी जगह पर है जहां पानी की समस्या है तब क्या करे|

निदान- तब आप अपने हाथ, मुह, पैरों को साफ़ पानी से धोले उसके बाद साफ धुले वस्त्र पहन ले| अगर ये भी नहीं कर सकते हो पानी की कमी या बीमार होने के कारण तो हाथ, पैरों, मुह को गीले कपडें से पोछ ले और साफ़ धुले कपडें पहन ले तो और इस से भी आपको नहाने का लाभ मिलेगा और दोष भी नहीँ लगेगा|

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