Sunderkand Path
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Overview: तिल के तेल का दीपक जलाने का फायदा

सुंदरकांड का पाठ करते समय तिल के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। तिल का तेल शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो पूजा के वातावरण को पवित्र बनाता है।

Sunderkand Path: सुंदरकांड का पाठ करते समय दीपक जलाना एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है, क्योंकि इससे पूजा का वातावरण पवित्र और ऊर्जावान बनता है। सुंदरकांड के पाठ के दौरान तिल के तेल का दीपक जलाना विशेष लाभकारी होता है। तिल का तेल शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

इसके अलावा, सरसों के तेल का दीपक भी जलाया जा सकता है, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होता है। दीपक जलाते समय हनुमान जी की भक्ति और श्रद्धा के साथ उनका स्मरण करना चाहिए, जिससे उनकी कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

सुंदरकांड के दौरान तिल के तेल का दीपक

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सुंदरकांड का पाठ करते समय तिल के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। तिल का तेल शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो पूजा के वातावरण को पवित्र बनाता है। दीपक जलाने के लिए धागे की बत्ती का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि यह सात्विक और प्राकृतिक होती है। दीपक को पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि पूर्व दिशा सूर्योदय की दिशा है और इसे ऊर्जा और ज्ञान का स्रोत माना जाता है।

सुंदरकांड का पाठ सुबह या शाम के समय करना उत्तम होता है, खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का समय (5 से 8 बजे)। इस दौरान नियमित रूप से तिल के तेल का दीपक जलाने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस प्रकार, सुंदरकांड का पाठ करते समय तिल के तेल का दीपक जलाना एक पुण्यकारी और लाभदायक अनुष्ठान माना जाता है।

तिल के तेल का दीपक जलाने का फायदा

तिल के तेल का दीपक जलाना न केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी इसके कई लाभ हैं। तिल का तेल राहु और केतु जैसे छाया ग्रहों के दोषों को कम करने में सहायक माना जाता है।

राहु और केतु के दोष होने पर व्यक्ति को मानसिक अशांति, तनाव और जीवन में अनेक प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। तिल के तेल का दीपक जलाने से इन ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है।

हनुमान जी की पूजा में तिल के तेल का दीपक जलाने से न केवल ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है, बल्कि जीवन में आ रही समस्याएं भी दूर होती हैं।

मान्यता है कि इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस प्रकार, तिल के तेल का दीपक जलाना एक सरल और प्रभावी उपाय है, जो जीवन में सकारात्मकता और शांति लाने में मदद करता है।

मैं आयुषी जैन हूं, एक अनुभवी कंटेंट राइटर, जिसने बीते 6 वर्षों में मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को करीब से जाना और लिखा है। मैंने एम.ए. इन एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स किया है, और तभी से मेरी कलम ने वेब स्टोरीज़, ब्रांड...