Durga Parmeshwari Temple
Durga Parmeshwari Temple

Durga Parmeshwari Temple: बॉलीवुड की चर्चित एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी अपने फैशन सेंस और फिटनेस को लेकर हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं। सोशल मीडिया पर वह काफी एक्टिव हैं और उन्हें अक्सर अपने फिटनेस वीडियो और शानदार फोटोशूट शेयर करते हुए देखा जाता है। हाल ही में शिल्पा तब चर्चा में आई जब वह अपने परिवार के साथ माता का आशीर्वाद लेने के लिए कर्नाटक के दुर्गा परमेश्वरी मंदिर पहुंची।

शिल्पा शेट्टी को अपनी मां सुनंदा, बहन शमिता शेट्टी और दोनों बच्चे वियान और समीशा के साथ माता का आशीर्वाद लेते हुए देखा गया। इसकी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस दौरान शिल्पा को सूट पहने हुए देखा गया। पीले रंग के प्रिंटेड कुर्ते और सफेद चूड़ीदार के साथ उन्होंने गजरा लगाया हुआ था। अपनी सादगी से एक्ट्रेस ने सभी का दिल जीत लिया। चलिए आज हम आपको माता दुर्गा को समर्पित इस खास मंदिर के बारे में बताते हैं।

Shilpa Shetty With Family
Shilpa Shetty With Family

जिस मंदिर में शिल्पा शेट्टी अपने परिवार के साथ दर्शन करने पहुंची थी। वह कर्नाटक के मंगलौर से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। इसे दुर्गा परमेश्वरी के नाम से पहचाना जाता है और नवरात्रि में यहां भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां 9 दिन तक चलने वाले आस्था के सैलाब में भक्तों को आग से खेलते हुए देखा जाता है। इसकी एक खास वजह भी है।

दुर्गा परमेश्वरी मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां विराजित माता दुर्गा के 9 अवतार हैं। यहां जाने के बाद आप एक साथ माता दुर्गा के इन रूपों के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर में गोपुरा नाम का एक प्रवेश द्वार बना हुआ है, जो देखने में काफी आकर्षक है। इस पर अद्भुत नक्काशी देखने को मिलती है। यह 108 फीट ऊंचा है और आने वाले पर्यटकों का ध्यान आसानी से अपनी तरफ आकर्षित कर लेता है। मंदिर में प्रवेश करते ही आपको माता के अनेक रूपों के दर्शन होंगे।

माता दुर्गा के इस मंदिर में दर्शन करने के लिए वैसे तो हमेशा ही भक्त पहुंचते रहते हैं, लेकिन नवरात्रि में यहां आस्था का सैलाब उमड़ता है। यहां नवरात्रि के दिनों में आग से खेलने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। जब आप यहां लोगों को आग के अंगारों से खेलते देखेंगे तो हैरान हो जाएंगे। दूर-दूर से इस परंपरा का हिस्सा बनने के लिए लोग यहां पहुंचते हैं। जो परंपरा यहां निभाई जा रही है उसे अग्नि केली के नाम से पहचाना जाता है। यह यहां के दो गांव कलत्तुर और आतुर के बीच होती है। दोनों ही गांव में रहने वाले लोग एक दूसरे पर मार्शल फेंकते हैं जो नारियल की छाल से बनाई जाती है। 15 मिनट तक मशाल फेंकने का यह खेल चलता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो व्यक्ति इस परंपरा का हिस्सा बनता है उसके जीवन के सारे दुख माता की कृपा से हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं।

Durga Parmeshwari Temple
Durga Parmeshwari Temple

दुर्गा परमेश्वरी मंदिर के इतिहास की बात करें तो मंदिर नंदिनी नदी के मध्य में बन हुआ है। इसके साथ कतील शब्द भी जुड़ा हुआ है जिसका अर्थ पृथ्वी का मध्य होता है। इस मंदिर का विशेष पौराणिक महत्व भी है। बताया जाता है की अरुणासुर नामक एक राक्षस हुआ करता था जिसे ब्रह्मा जी ने यह वरदान दिया कि उसे दो पैरों वाला या चार पैरों वाला कोई भी जीव नहीं मार पाएगा। यह वरदान मिलने के बाद असुर ने धरती पर हाहाकार मचाया। जब धरती वासी परेशान हो गए तो उनका दुख हरने के लिए माता दुर्गा प्रकट हुई। माता और राक्षस के बीच जमकर युद्ध चला।

अरुणासुर माता के पीछे पड़ गया और उसे चकमा देने के लिए माता ने चट्टान का रूप धारण किया। अरुणासुर उस चट्टान को पैरों से कुचलना वाला था तभी मधुमक्खियां ने उस पर आक्रमण किया। ब्रह्मा जी के वरदान के मुताबिक दो और चार पैरों वाला इंसान और जीव अरुणासुर को नहीं मार सकता था लेकिन मधुमक्खियां बिल्कुल अलग थी। इस तरह से राक्षस का अंत हुआ और ऋषि मुनियों ने इस जगह पर दुर्गा परमेश्वरी मंदिर का निर्माण किया।

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...