Hindi Motivational Story: घर बनाने का काम करने वाले बुज़ुर्ग सेवानिवृत होना चाहाते थे। उन्होंने अपने मालिक से कहा कि अब वह काम छोड़कर अपनी पत्नी के साथ एक सुकून की जिं़दगी बिताना चाहते हैं हालांकि ऐसा करने से उनके पास पैसा आना बंद हो जायेगा लेकिन वे अपनी बचत के सहारे गुज़ारा कर लेंगे। यह जान कर मालिक को दुःख हुआ कि उनका एक अच्छा कर्मचारी उन्हें छोड़कर जा रहा है। उन्होंने बुज़ुर्ग से कहा, “मैं चाहता हूँ कि आप जाते जाते मेरे लिए एक घर बना कर जाएँ।” बुज़ुर्ग ने हाँ तो कह दिया लेकिन उनका दिल इस काम में बिल्कुल भी नहीं था। उन्होंने आधे-अधूरे मन से काम किया। मकान में लगाई जाने वाली सामग्री भी बेहतर स्तर की नहीं थी। उन्होंने अपना काम खत्म किया तो मालिक निरीक्षण के लिए वहाँ पहुँचा। पूरा मकान का मुआयना करने के बाद उन्होंने चाबियाँ बुज़ुर्ग को सौंपते हुए कहा, यह आपका घर है मेरी तरफ़ से आपको उपहार। बुज़ुर्ग विस्मित रह गए। उन्हें पता होता कि वे स्वयं अपना घर बना रहे हैं तो वे उसे कभी उस तरीके से नही बनाते जैसा उन्होंने तैयार किया था।
हमारे साथ ऐसा ही कुछ होता है हम सभी अपनी जिं़दगी स्वयं बनाते हैं और अक्सर उसे उतना बेहतरीन नहीं करते जितना कर सकते हैं। एक दिन हमें अहसास होता है कि हमें उसी ज़िंदगी में रहना है। अगर हमने बेहतरीन प्रयास किया होता तो आज हम अलग तरह से जीवन व्यतीत कर रहे होते।
ये कहानी ‘नए दौर की प्रेरक कहानियाँ’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानी पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं – Naye Dore ki Prerak Kahaniyan(नए दौर की प्रेरक कहानियाँ)
