शादी से पहले भी जरुरी हैं खुल कर बात करना, ये टिप्स आएँगी काम
शादी से पहले दोनों पार्टनर्स को अपनी भावनाओं, विचारों और उम्मीदों को एक-दूसरे से साझा करना चाहिए।
Relationship Advice: शादी दो व्यक्तियों के बीच एक स्थायी और गहरे रिश्ते की शुरुआत होती है। यह न केवल एक भावनात्मक, बल्कि मानसिक संबंध भी बनाता है। जहां एक ओर शादी में शारीरिक और भौतिक मिलन की अहमियत है, वहीं मानसिक और भावनात्मक संबंध भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। शादी से पहले दोनों पार्टनर्स को अपनी भावनाओं, विचारों और उम्मीदों को एक-दूसरे से साझा करना चाहिए। यह चर्चा न केवल रिश्ते को मजबूत बनाती है, बल्कि एक-दूसरे की पसंद-नापसंद, प्राथमिकताएं, और जीवन की दृष्टि को समझने में मदद करती है।
इसलिए, दोनों को एक-दूसरे के दृष्टिकोण, विचारों और जीवनशैली के बारे में पूरी तरह से जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे एक मजबूत और सुखमय जीवन की शुरुआत कर सकें।
आर्थिक स्थिति

शादी के बाद आर्थिक स्थिति एक बड़ा मुद्दा बन सकती है, इसलिए शादी से पहले इस विषय पर खुलकर चर्चा करना जरुरी है। लड़के और लड़की को यह जानना चाहिए कि उनकी मासिक आय क्या है, और वे किस प्रकार की वित्तीय योजना बनाना चाहते हैं। साथ ही, खर्चों को कैसे बांटा जाएगा, यह भी तय करना जरुरी है। यह चर्चा भविष्य में होने वाली आर्थिक तनावों को कम कर सकती है और संबंधो को और मजबूत बना सकती है।
करियर
हर व्यक्ति का अपने करियर को लेकर एक विशेष दृष्टिकोण होता है। शादी से पहले दोनों को एक-दूसरे के करियर को समझना चाहिए और यह तय करना चाहिए कि वे एक-दूसरे को किस तरह से सहयोग कर सकते हैं।
नज़रिया

लड़का और लड़की को एक-दूसरे से यह समझना चाहिए कि वे अपने परिवारों के प्रति किस प्रकार के संबंध रखना चाहते हैं और परिवारों के बीच किसी भी तरह की दखलअंदाजी से बचने के लिए उन्हें क्या कदम उठाने होंगे। दोनों को यह भी तय करना चाहिए कि वे परिवारों के बीच संतुलन कैसे बनाए रखेंगे।
संतान और पालन-पोषण
यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर शादी से पहले साफ़ बातचीत होनी चाहिए। दोनों को यह तय करना चाहिए कि क्या वे भविष्य में बच्चे चाहते हैं, तो बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, और भविष्य की योजनाओं के बारे में उनकी क्या राय है।
स्वास्थ्य और जीवनशैली
स्वास्थ्य की स्थिति और जीवनशैली पर भी चर्चा करना बेहद जरूरी है। शादी से पहले दोनों को यह जानना चाहिए कि एक-दूसरे की स्वास्थ्य समस्याएं क्या हैं, और वे किस तरह की जीवनशैली अपनाना चाहते हैं। यह बातें रिश्ते में सामंजस्य बनाए रखने में मदद करती हैं।
संस्कार और विश्वास

संस्कार और विश्वास रिश्ते की नींव होते हैं। लड़का और लड़की को यह समझना चाहिए कि वे दोनों किस तरह के संस्कारों में पले-बढ़े हैं और उन संस्कारों को अपने रिश्ते में किस प्रकिस तरह से ले कर चलते हैं। इसके अलावा, एक-दूसरे पर विश्वास होना भी बहुत जरूरी है। विश्वास एक रिश्ते की सबसे मजबूत कड़ी होती है।
थोड़ा समय अपना भी
शादी के बाद, दोनों को एक-दूसरे के साथ समय बिताने की जरूरत होती है, लेकिन व्यक्तिगत समय की भी अहमियत होती है। यह समझना जरूरी है कि दोनों अपने-अपने व्यक्तिगत शौक, रुचियों और छुट्टी के लिए समय निकाल पाएंगे या नहीं।
