Body Detox Tips: अक्सर शादियों में जमकर खाने के बाद हम खुद को डिटॉक्स करना भूल जाते हैं जबकि यह हमारे सेहत के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
केमिकल युक्त वातावरण से बचें
कोशिश करें कि आप ऐसे स्थानों पर ज्यादा समय न बिताएं जहां अधिक मात्रा में केमिकल्स का उपयोग होता है, जैसे- प्रदूषित हवा वाले इलाके।
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शादी वाले घर में जब तक मिठाइयां और पकवान न बनें बात ही नहीं बनती। जब तक हम फेमस टैग जैसे- ‘कुछ मीठा हो जाए, ‘इंडलज इन स्वीट ड्रीम्स, ‘मस्ती बोले तों कुरकुरे और ‘क्या करें कंट्रोल ही नहीं होता अब एन्जॉय करने के बाद शरीर की डिटॉक्सीफिकेशन करना भी जरूरी होता है। ऐसा ना हो कि फ्यूचर में आपको त्यौहार महंगे पड़ जाए जैसे- ओबेसीटी, कोलेस्ट्रॉल इनक्रीस, इम्युनिटी वीक, डाईबेटिस क्योंकि आप त्यौहारों के दिन खाने में सही भोजन, सही समय, सही पॉर्शन साइज को भूल जाते हैं। लेकिन इन सब बीमारियों के खतरे को कम करने के लिये 3-7 दिनों का डिटॉक्स कर लेना चाहिए। यहां आप जान सकते हैं कि घर पर ही आप साधारण तरीके से कैसे खुद को डिटॉक्सफाई कर सकते हैं।
शरीर को डिटॉक्स करने के लिये प्राकृतिक तरीकों का पालन करना सबसे अच्छा रहता है। अब आप सोच रहे होंगे अगर शरीर के जरूरी आर्गेन डिटॉक्स करते ही हैं तों हमें स्वयं डिटॉक्स करना क्यों जरूरी हैं? हमारे जरूरी आर्गेन जैसे- लिवर, किडनी शरीर को डिटॉक्स करते हैं। स्किन और लंग्स भी डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। परंतु आजकल हमारा खाना और आसपास का वातावरण काफी दूषित हो गया है। हमारे सेडेएंट्री लाइफस्टाइल की वजह से टॉक्सीन भी रिमूव ना होकर शरीर में ही इक हो रहा है, जो की बीमारियों का कारण बन रहे हैं। आप अगर हर रोज कुछ एक ध्यानयोग्य बातें अपनायें तो आप स्वयं ही डिटॉक्स करना जान जाएंगे, जैसे-

- भरपूर पानी पिएं : शरीर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया में पानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दिनभर में कम से कम 2-3 लीटर पानी सूर्यास्त से पहले पिएं। नींबू पानी और जीरा पानी भी अच्छे विकल्प हैं। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है।
- प्राकृतिक चीनी का सेवन करें : फलों, सूखे मेवों, या प्राकृतिक शक्कर का सेवन करें ताकि प्रोसेस्ड या आर्टिफिशियल शक्कर की आवश्यकता न हो क्योंकि ये हमारे नेचुरल डिटॉक्सफीकेशन को कमजोर करती हैं। प्राकृतिक डिटॉक्सिफिकेशन शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
- शराब का सेवन कम करें : इससे आपके लीवर पर अधिक दबाव पड़ता है, जो शरीर को डिटॉक्सिफाई करने के लिए जिम्मेदार होता है। शराब लीवर के कार्य को बाधित करती है।
- पर्याप्त नींद लें : 7-8 घंटे की नींद लेने से शरीर, मस्तिष्क को एनर्जी प्रदान करता है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता, ऊर्जा पुन: प्राप्त करने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मददगार होती है।
- अपने आहार में प्रोबायोटिक्स शामिल करें : प्रोबायोटिक्स आपके गट स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। स्वस्थ गट डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है और इम्युनिटी को बढ़ावा देने में मदद करता है।
- एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ : ये खाद्य पदार्थ, जो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करते हैं। साथ ही शरीर से हानिकारक तत्वों को निकालने में सहायक होते हैं।
- नमक की मात्रा कम रखें : ज्यादा नमक शरीर में पानी को बढ़ाता है जिससे सूजन, अधिक भार, पफी आंखे, ईएसआर, बीपी बढऩे के चान्सेस बढ़ जाते हैं और जब तक फालतू पानी हमारे शरीर से बाहर नहीं जाएगा तो शरीर से विषाक्त पदार्थ भी बाहर नहीं जाएंगे।
- व्यायाम करें : हर रोज 45 मिनट रोज योगा, शारीरिक क्रिया या वॉकिंग से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया को भी सुधारता है।
अतिरिक्त टिप्स-
- पोटैशियम युक्त भोजन लें : केला, नारियल पानी, सूखे मेवे, दूध और दही, संतरा, बीन्स, मशरूम में पोटैशियम अधिक मात्रा में होता हैं।
- धनिया लें : धनिया शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स और भारी धातुओं जैसे- लीड, केमिकल्स और पेस्टिसाइड्स को अवशोषित करता है और उन्हें शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।
- सल्फर रिच फूड्स : अंडे, ब्रोकली, लहसुन, प्याज में ग्लूटाथियोन होता है, जो डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। ग्लूटाथियोन एक प्रमुख एंटीऑक्सीडेंट है, जिसे लिवर उत्पन्न करता है।
