Child Anger Issues: बच्चों की परवरिश में कोई कोर-कसर ना रह जाए, इसके लिए पेरेंट्स एड़ी-चोटी का दम लगा देते हैं। बावजूद इसके बच्चों की वजह से वे अक्सर परेशान भी हो जाया करते हैं। आइए जानें कि ऐसी स्थिति से कैसे बचें-
बच्चों के तेज़ गुस्सा होने पर अपना भी आपा खो जाना स्वाभाविक है, लेकिन यही वह वक्त होता है, जब आपको अपने बच्चे के गुस्से के साथ-साथ अपना गुस्सा भी कंट्रोल में रखना बेहद ज़रूरी होता है। जब भी बच्चा गुस्से में हो तो इन बातों से बचें, वरना नुकसान हो सकता है-
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गुस्से के वक्त उसके पास आना
अक्सर बच्चा गुस्से के वक्त उल्टी-सीधी हरकतें करता है तो आप भी उसे समझाने के लिए उसके पास जाते हैं। ऐसे में फ्रस्टेशन की वजह से और आपकी ज़्यादा अटेंशन पाने के लिए वह चीज़ों की तोड़-फोड़ भी कर सकता है।
रिएक्शन देना ठीक नहीं
बच्चे के गुस्से के वक्त किसी भी तरह का रिएक्शन देना गलत है। बच्चा ज्यादातर तब ओवररिएक्ट करता है, जब उसके पेरेंट्स उस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। ऐसे में जब भी बच्चा गुस्से में हो, कोई रिएक्शन ना दें। जब उसे यह लगेगा कि आपको कोई फर्क नहीं पड़ता तो वह अपने-आप नॉर्मल हो जाएगा।
बातचीत बंद कर देना
बच्चे के गुस्से के वक्त आप भी उन्हीं में से हैं, जो बच्चे से बातचीत बंद कर देते हैं तो ये गलत है। आप उससे बातचीत करें। गुस्से के वक्त भले बातें ना करें, लेकिन जब बच्चा नॉर्मल होता है तो आप भी शांत और सहज हो जाएं।
बिहेवियर की आलोचना करना

जब बड़े गुस्से में होते हैं तो उन्हें समझ नहीं आता कि वे क्या कर रहे होते हैं। ऐसे में बच्चे को कहां समझ आएगा कि वे गलत कर रहे हैं। इस वक्त उन्हें उनके गलत बिहेवियर के बारे में बताने पर वे और भी गुस्सा दिखाएंगे।
इमोशंस पर अपनी राय रखना
ध्यान रहे, जब आपका बच्चा नाराज होता है तो उसकी भावनाओं पर प्रतिक्रिया देने से वे चीज़ें और भी बढ़ेंगी। अगर आपका बच्चा थोड़ा बड़ा और समझदार है तो इस स्थिति से निबटने के लिए थोड़ी देर उसे अकेला छोड़ देना बेहतर होगा। कुछ देर लंबी सांस लें। खुद को संभालें और बाद में इस व्यवहार की तह तक जाने का प्रयास करें।
किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाना
अपने बच्चे के गुस्से को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाना गलत है। ज़रूरी नहीं कि आपका बच्चा गलत हो। हो सकता है कि वह किसी बात से परेशान हो और उसका गुस्सा ऐसे रूप में निकल रहा हो। ऐसे में उस वक्त परेशान होकर बच्चे पर दोष लगाना गलत है।
गुस्से के वक्त सही रास्ता दिखाना

अपने नाराज बच्चे के साथ तर्कसंगत बातचीत इस वक्त बिल्कुल संभव नहीं, क्योंकि वह समझने के मूड में नहीं होगा। आपका अभी का दिया हुआ ज्ञान उसे और गुस्सा दिला सकता है। बच्चे के मूड को बिल्कुल ठंडा होने दें। आप उसे और एग्रेसिव ना बनाएं।
मार-पीट पर उतर आना
जैसा कि हमने पहले भी आपको बताया कि बच्चे के गुस्से के वक्त किसी भी तरह का रिएक्शन देना गलत है। कभी-कभार आपको भी उतना ही गुस्सा आ सकता है और आप बच्चे को पीट भी सकते हैं। ये बिहेवियर बच्चे के लिए बेहद गलत होगा। ऐसे में मार-पीट से बचें।
बच्चे के व्यवहार की आलोचना
बच्चे को पता है कि वह गुस्से में है। बाद में उसे खुद महसूस होगा, लेकिन इसके लिए आपको उस वक्त ये बोलने की जरूरत नहीं कि उसे कितना गुस्सा आता है। उनका गुस्सा तो पल-भर का होगा, लेकिन आपकी कही हुई बात उन्हें लंबे वक्त तक परेशान करेगी।
हम तुमसे परेशान हो गए हैं
बच्चे के गुस्से के वक्त यह बोलना कि आप उनसे परेशान हो गए हैं, उन्हें और भी ऌगुस्सा दिला सकता है, क्योंकि उन्हें पता है कि अगर आप भी परेशान होंगे तो वह और भी ज़्यादा एग्रेसिव हो जाएगा।
गालियां देने लगना
बच्चे के गुस्से के वक्त गलती से भी उसके सामने गाली या खराब भाषा का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये बहुत बुरी स्थिति होगी। जब वह ये चीज़ें सुनेगा तो हो सकता है कि वह भी गालियां देना शुरू कर दे।
धमकियां देना
बच्चे जिस वक्त गुस्से में हों, उन्हें किसी भी प्रकार की धमकी ना दें। गुस्से के वक्त बच्चे को उसकी लिमिट ना समझाएं। अगर आप उसे ये कहेंगे कि हम तुमसे बात बंद कर देंगे, तुम्हें कहीं नहीं ले जाएंगे या फिर और भी कुछ तो यकीन मानें, वह स्थिति और भी भयानक हो सकती है।
अपने लक्ष्य से भटक जाना
आपका बच्चा गुस्से में है। ऐसे में आप ये बिल्कुल ना करें कि आप अपने लक्ष्य से भटक जाएं। आपका बच्चा चाहे कितने भी गुस्से में हो, तो आपको उसके साथ बिल्कुल नॉर्मल ही रहना है। हमारे सबसे महत्वपूर्ण कामों में से एक है उसके साथ उचित व्यवहार।
बच्चे का गुस्सा ऐसे करें कम

1. बच्चे को हेल्दी स्नैक्स खिलाएं।
2.उसे ताज़ी हवा में घुमाने ले जाएं।
3. आउटडोर एक्टिविटी के लिए प्रेरित करें।
4. प्रेरणाप्रद कहानियां सुनाएं।
5. गुस्से से होने वाले नुकसान के बारे
में बताएं।
