बच्चा शर्मिला है तो इन तरीक़ों से बनायें सोशल
कुछ बच्चे लोगो से जल्दी घुल मिल नहीं पाते और जल्दी किसी से बात भी नहीं करते हैं, क्योंकि वे संकोची और शर्मीले होते हैं। वे बाहरी लोगों को देखकर घबराते हैं। उन्हें लोगों से इंटरैक्ट करने में दिक़्क़त आती है। ऐसा अक्सर बच्चों में आत्मविश्वास की कमी के कारण होता है।
Tips to Make Child Social: हर बच्चा दूसरे बच्चे से स्वभाव में अलग होता है। कई बच्चे लोगों से बहुत जल्दी घुल-मिल जाते हैं, जबकि कुछ बच्चे लोगो से जल्दी घुल मिल नहीं पाते और जल्दी किसी से बात भी नहीं करते हैं, क्योंकि वे संकोची और शर्मीले होते हैं। वे बाहरी लोगों को देखकर घबराते हैं। उन्हें लोगों से इंटरैक्ट करने में दिक़्क़त आती है। ऐसा अक्सर बच्चों में आत्मविश्वास की कमी के कारण होता है। कई बार समय के साथ बच्चों का व्यवहार ठीक हो जाता है लेकिन कई बार वो इस समस्या को ओवरकम नहीं कर पाते हैं। ऐसे में पैरेंट्स बच्चे के इस स्वभाव को लेकर चिंता में आ जाते हैं। अगर आपका बच्चा भी शर्मीले स्वभाव का है तो आप परेशान होने की जगह अपने बच्चों को ये तरीक़े अपनाकर सोशल बना सकते हैं। जानते हैं इन तरीक़ों के बारे में-
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खुलकर बात करें

कई बार पैरेंट्स व्यस्त होने के कारण बच्चों को समय नहीं दे पाते, बच्चे क्या चाहते हैं ये समझ ही नहीं पाते हैं। ऐसे में बच्चे अकेलापन का शिकार हो जाते हैं। उनके शर्मीले स्वभाव का एक कारण यह भी हो सकता है। इसलिए आप अपने बच्चे के साथ खुलकर बात करें, जानें की उसके इस तरह के व्यवहार का कारण क्या है। उनसे नये-नये विषयों पर बात करने की कोशिश करें। उससे अच्छी आत्मविश्वास पैदा करने वाली कहानियों सुनाएँ। जिससे वे ख़ुद को किसी से कम ना समझें और सबके साथ खुलकर बात कर सकें।
लोगों सेमिलवाएं

आजकल बच्चे घर में अकेले रहते हैं और यह उनके शर्मीले स्वभाव की एक बड़ी वजह हो सकती है। इसलिए बच्चों को समय-समय पर लोगों से मिलना-जुलना सिखायें। कम उम्र से ही बच्चों को समझाएं की आपको स्कूल, घर या बाहर जहां भी कोई आपकी पहचान का व्यक्ति मिलता है, उसे ग्रीट ज़रूर करना है। उसको दोस्त बनाने के लिए प्रेरित करें।
शेयरिंग की आदत डालें

बच्चों को सोशल बनाने का एक अच्छा तरीक़ा यह भी है कि आप उन्हें शेयरिंग का महत्व समझायें। उन्हें अपने भाई-बहन और दोस्तों के साथ अपनी चीजें शेयर करने के लिए कहें। साथ मिलकर खेलने-कूदने, खाने-पीने से बच्चा एक्सट्रोवर्ट बनेगा।
ताकत को पहचानें
हर बच्चा किसी ना किसी चीज़ में दूसरों से बेहतर होता है। आपको अपने बच्चे के उस टैलेंट को पहचानकर उसको उसमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। इससे बच्चे के अंदर कॉन्फिडेंस आएगा। अच्छा परफॉर्म करने पर उसकी तारीफ़ ज़रूर करें।

एक्टिविटीज क्लासेज़ में भेजें
बच्चों के मन से डर और झिझक निकालने के लिए आप उन्हें पढ़ाई के अलावा उनकी पसंद की दूसरी एक्टिविटीज जैसे खेल, डांस, गाना, ड्राइंग आदि की क्लासेज़ में ज़रूर भेजें। यहाँ बच्चों को नई चीजें सीखने को मिलेंगी और छोटे ग्रुप में साथ रहकर घुलने-मिलने की आदत भी बनेगी।

तो, अगर आपका बच्चा भी शर्मिला है और दूसरों से मिलने में झिझकता है तो आप ये तरीक़े अपनाकर उसको सोशल बनाने का प्रयास कर सकती हैं।
