एक उम्र के बाद मनपसंद साथी के साथ आगे का जीवन जीने की इच्छा सभी की होती है। मगर सबकी ये इच्छा पूरी हो ये जरूरी नहीं है। किसी की शादी हो जाती है लेकिन मन के साथी के साथ नहीं। किसी को मनपसंद साथी मिल जाता है तो शादी नहीं हो पाती है। इस वक्त युवाओं के बीच ये दिक्कत आम है। मगर दिक्कत का हल क्या है? हल तो कई हैं लेकिन वास्तु में ये हल सबसे आसानी से मिल जाता है। वास्तु के हिसाब से अगर लाइफस्टाइल में थोड़े बदलाव किए जाएं तो जिंदगी में मनपसंद साथी मिलता है और उससे शादी भी हो सकती है। वैवाहिक जीवन भी खुशहाल रहता है। वास्तु के शादी से जुड़े आसान से टिप्स के बारे में चलिए जान लीजिए और शादी की शहनाई बजवाने की तैयारी कर लीजिए-

हवा और रोशनी-
शादी में थोड़ी भी दिक्कत आ रही है तो ऐसे कमरे में सोने से बचें, जहां प्राकृतिक रोशनी और हवा कम आती हो। इसके लिए उस कमरे को अपने लिए चुनें जिसमें एक से ज्यादा दरवाजे खिड़की हो। दरअसल ऐसे कमरों में रोशनी और हवा की कोई कमी नहीं होती है। इस तरह से कमरे में अंधेरा भी नहीं रहेगा। वास्तु के हिसाब से अंधेरा कमरा शादी के लिहाज से सही नहीं रहता है।
काले रंग से दूरी-
शादी करने की इच्छा है तो काले रंग के कपड़ों से दूरी बना लें। काला रंग पहले तो निराशा का प्रतीक होता है दूसरे राहू, केतू व शनि का वाहक भी माना जाता है। ये तीनों ही विवाह में बाधक होते हैं। काले रंग के कपड़े पहनना अगर पसंद है तो इन्हें तुरंत पहनना बंद कर दें। इनकी जगह पीले, लाल और हरे रंग के कपड़े पहनने से आपको खुद ही फायदा दिखेगा।

मेहमानों की बैठक-
कई लोग ऐसे भी होते हैं, जिनकी शादी की बात होती है लेकिन शादी पक्की नहीं हो पाती है। शादी की बात करने घर आए मेहमान ऐसे लोगों की मदद कर सकते हैं। दरअसल वास्तु के हिसाब से इन मेहमानों को ऐसी जगह बैठना चाहिए, जहां से उनका मुंह घर के बाहर की ओर बिलकुल न हो। उनको ऐसी जगह बैठाएं, जहां से उनका मुंह घर के अंदर की ओर हो।
दिशा का रखना होगा ध्यान-
शादी की चाहत रखने वाले स्त्री हों या पुरुष दोनों को ही घर पर सोने की दिशा का ज्ञान होना जरूरी है। दरअसल ऐसे लोगों को दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बिलकुल नहीं सोना चाहिए। इतना ही नहीं इस वक्त पैर भी उत्तर दिशा में ही होने चाहिए। इससे आपकी दिक्कत में कुछ कमी आ सकती है। शादी में आ रही रुकावटों में भी कमी आती है।
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