अपनी गलतियों से सीख लेनी चाहिए
सही वक्त पर रोपाई, गुड़ाई, सिंचाई और कीटनाशक का स्प्रे आदि करते रहना चाहिए। ऐसे में यदि कोई ग़लती हो जाती है तो आगे इन गलतियों से सीख लेनी चाहिए।
Gardening Tricks: घर को हराभरा और आकर्षक भला कौन नहीं देखना चाहता है। लेकिन बिना बागवानी के सही तरीक़े को जाने यदि आप करते हैं तो यह पौधे के विकास को शून्य कर सकता है। यही वजह है कि सही देखभाल के बावजूद पौधे सूख जाते हैं। इसलिए बाग़वानी को शुरू करने से पहले हमें बाग़वानी के सभी तरीक़ों के बारे में जान लेना चाहिए। सही वक्त पर रोपाई, गुड़ाई, सिंचाई और कीटनाशक का स्प्रे आदि करते रहना चाहिए। ऐसे में यदि कोई ग़लती हो जाती है तो आगे इन गलतियों से सीख लेनी चाहिए। कई बार आपको पौधे का व्यवहार नहीं समझ में आता और आपको बाग़वानी में वह परिणाम नहीं मिलते जो आप चाहते हैं, आपका बग़ीचा लाख प्रयास के बावजूद उजाड़ नज़र आता है तो आपको इन कुछ प्रमुख बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Also read : बागवानी के कुछ ख़ास तरीके, जो आपके बहुत काम आएंगे: Gardening Tips
मौसम की जानकारी
हर पौधे को लगाने का एक निश्चित मौसम होता है। यह पौधे अपने उसी मौसम में सबसे अच्छी तरह और तेज़ी से ग्रोथ करते हैं। इसलिए, जब भी आप कोई पौधा अपने घर पर लाने की सोचे उसके बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा करके लें। यह जान लें कि इसके लिए उपयुक्त वातावरण कौन सा सही रहेगा। किस तरह की मिट्टी में यह अच्छे से विकास करेगा आदि। किसी भी पौधे को सिर्फ़ इसीलिए नहीं लगायें कि वह आपको पसंद हैं, पौधे की प्रकृति और व्यवहार को पहले बहुत अच्छी तरह से जान लें। ऐसा नहीं करने पर एक ना एक दिन पौधों का मरना तय है। आप चाहे कितनी भी देखभाल कर लें। यदि वे उग भी गए तो विकास बहुत ही नगण्य होगा।
पानी कम या ज्यादा

कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि पौधों में सुबह-शाम खूब सारा पानी डालना चाहिए। कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि सप्ताह में एक-दो बार पौधो में पानी डालना ही उचित है। लेकिन दोनों ही बातें पूरी तरह से व्यवहारिक नहीं हैं। हर पौधे की प्रकृति और पानी की जरूरत अलग होती है। कुछ को अधिक पानी की दरकार होती है, कुछ के लिए पानी की अधिकता उनके मुरझाने का कारण बन जाता है। आप इसकी सही और समुचित जानकारी नर्सरी से भी लें सकते हैं। एक बात का सदैव ख़्याल रखें कि पानी पौधों की जड़ में नहीं पौधों पर डालना चाहिये।
सूरज की रोशनी

लोग सोचते हैं कि हर पौधे के लिए सूरज की रोशनी जरूरी है। लेकिन यह बात पूरी तरह से सही नहीं है। पौधे के विकास के लिए फोटोसिंथेसि जरूरी होता है। इसका मतलब यह नहीं कि पौधों को तेज़ धूप अथवा सूरज की सीधी रोशनी में रखना है। दिन में एक घंटे की धूप हर पौधे के लिए पर्याप्त है। अधिक धूप की वजह से कई बार पौधा मुरझा जाता है। ऐसे में आप शेड अथवा पॉली कवर के जरिये अपने पौधे का बचाव कर सकते हैं। कई ऐसे पौधे भी होते हैं जिनको छाए की ज़रूरत पड़ती है और उन्हें कनोपी के नीचे रखा जाता है।
स्थान को दें तवज्जो
पौधों में बहार का एक कारण होता है स्थान। कुछ पौधे ठंड में पनपते हैं, तो कुछ गर्मी में। इसकी जानकारी नहीं होने से भी बगीचा मेहनत के बावजूद पनप नहीं पाता। कुछ पौधे सर्दी में उगते हैं, तो कुछ के लिए बरसात या गर्मी मुफीद रहती है। इसकी सटीक जानकारी बॉटैनिकल गॉर्डन में मिल जाएगी। इस जानकारी का आभाव भी पौधों के सूखने का जिम्मेदार होता है। पौधों को सिर्फ रोपें नहीं मौसम भी देखें।
ओवर प्लांटिंग से बचें

कई बार लोग थोड़ी सी जगह में बहुत सारे पौधे लगा देते हैं। छोटे से गमले या जगह पर पूरा बीज का पैकेट ही डाल देते हैं। सोचते हैं कि ज्यादा बीज बोने से ज़्यादा हरियाली होगी, लेकिन ऐसा होता नहीं है। किसी भी पौधों को बड़ा होने और फलने-फूलने के लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि उनको पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती है तो वह अच्छे से ग्रो नहीं कर पाते और मुरझाने लगते हैं। इसलिए ओवर प्लांटिंग से बचना चाहिए।
मिट्टी भी जांचिए

पौधे के साथ साथ मिट्टी को समझना भी ज़रूरी है। मिट्टी अगर अच्छी और उपयुक्त नहीं होगी तो पौधा चाहे कितना भी अच्छा हो ग्रो नहीं करेगा और कई तरह की बीमारियाँ उस पर आक्रमण कर देंगी। इसलिए समय-समय पर अपने बाग़वानी के मिट्टी की जांच करवाते रहना चाहिए। मिट्टी को जांचने के लिए पीएच टेस्ट स्ट्रिप जैसी चीज़ें बाज़ार में उपलब्ध हैं। इससे हर पौधे के पीएच की जरूरत को जाना जा सकता है। पौधों में ज़्यादा से ज़्यादा जैविक खाद का इस्तेमाल करें यह पौधों के विकास के लिए बात ही अच्छी होती है।
गहराई को समझें

हम जब भी गमले अथवा ज़मीन में बीज को रोपते हैं तो हमें उसके रोपने की विधि की भी समझ होनी चाहिए। कई बार हम पौधे को रोपते समय मिट्टी की अधिक गहराई में बीज रोप देते हैं। ऐसे में पौधा मिट्टी में दबा ही रह जाता है, इतनी गहराई में सूर्य की रोशनी नहीं जा पाती जिससे कि उसका अंकुरण प्रभावित होता है। ऐसे में आप खाद पानी कुछ भी डालेंगे तो पौधे पर असर नहीं करेगा। इसलिए बीच को किस गहराई में रोपना है इस बात का भी विशेष ख़्याल रखें। बीज को ऊपरी सतह से बिल्कुल नीचे रखें, जर्मिनिशेन जल्द होगा।
पहले मैरिगोल्ड, फिर गुलाब

घर की बाग़वानी में पौधे लगाते समय पहले कम मेंटिनेंस के फूल वाले पौधे जैसे की मैरिगोल्ड लगाएं। बागवानी में हर फूल वाला पौधा फूल देगा ही ऐसा जरूरी नहीं होता है। कई बार गुलाब जैसे फूल के पौधे पर जल्दी फूल नहीं आते क्योंकि इसको बहुत ही ज़्यादा मेंटिनेंस की ज़रूरत पड़ती है। कुछ फूल वाले पौधे, जैसे कि मैरीगोल्ड, बोगनविलिया और सनफ्लावर आदि को मेंटिनेंस की ज़्यादा जरूरत नहीं पड़ती है। यह आसानी से ग्रो करते हैं और इनके पौधों पर फूल बहुत ही जल्दी आ जाते हैं।
हर्बिसाइड का गलत प्रयोग

बाग़वानी में लगे पौधों के साथ कई बार खर पतवार की समस्या आ जाती है लेकिन पौधों में अंधाधुँध इंसेक्टिसाइड और हर्बिसाइड के प्रयोग से बचना चाहिए। इसकी अधिकता कई बार पौधों को बहुत ज़्यादा नुक़सान कर देती है क्योंकि इसमें भारी मात्रा में केमिकल होते हैं। इन केमिकल वाले इंसेक्टिसाइड की जगह पर आप ऑर्गेनिक इंसेक्टिसाइड का प्रयोग कर सकते हैं। नीम ऑयल, विनेगर जैविक कीटनाशी का काम करते हैं।
