आजकल की महिलाएं आत्मनिर्भरता के लिए घर से बाहर जाकर काम कर रही हैं। वह घर और बाहर दोनों की जिम्मेदारियां बेहतरीन ढंग से निभा रही हैं। घर के साथ-साथ वह अपने करियर को भी बराबर रूप से महत्व दे रही हैं। ऐसे में शादी और मां बनने के फैसले भी देर से लिए जा रहे हैं। पहले जहां 20-25 साल की उम्र में महिलाएं शादी कर अपना घर बसा लेती थीं और मां बन जाती थीं। वहीं अब शादी और मां बनने का निर्णय 30 से 40 साल की उम्र तक भी लिया जा रहा है। देर से गर्भ धारण करने पर कुछ महिलाओं को चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बता रहे हैं कि अगर आप भी लेट प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं तो किन बातों का ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है और आपके सामने क्या चुनौतियां आ सकती हैं।
1) अगर आप 35 साल या उससे ऊपर की उम्र में कंसीव करने जा रही हैं तो प्रेग्नेंसी से पहले प्रीकन्सेप्शन चेकअप करवाएं। इससे आप ये जान पाएंगी कि आपका शरीर प्रेग्नेंसी के लिए तैयार है या नहीं। इस चेकअप के जरिए आपको फैमिली की हेल्थ हिस्ट्री, प्रेग्नेंसी के दौरान कौन से वैक्सीनेशन लगेंगे और कौन सी दवाईयां आपको खानी होंगी इसकी जानकारी भी मिल जाएगी।

2) प्रेग्नेंसी का मन बनाते ही और प्रीकन्सेप्शन चेकअप के बाद डॉक्टर की सलाह पर हर दिन कम से कम 400 माइक्रोग्राम फॉलिक एसिड खाना शुरू कर दें।फॉलिक एसिड एक तरह का विटामिन होता है जो शरीर के विकास में सहायक होता है।प्रेग्नेंसी से पहले और शुरुआती चरण में अगर आप फॉलिक एसिड लेना शुरू कर देंगी तो बच्चे के दिमाग और रीढ़ की हड्डी का विकास अच्छे से होगा और इसमें न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के अलावा बच्चे के मुंह में क्लेफ्ट लिप और क्लेफ्ट पैलेट जैसे डिफेक्ट नहीं होंगे।

3) प्रेग्नेंसी के दौरान अगर सब कुछ ठीक भी है तो प्रीनेटल केयर चेकअप्स करवाना कतई मिस न करें। इससे आपको गर्भ में पल रहे बच्चे के हर मूवमेंट की जानकारी मिलेगी।इसके अलावा अगर आपको कोई अन्य बीमारी है तो प्रेग्नेंसी के समय उस बीमारी की दवाई खाना आपके बच्चे के लिए सुरक्षित है या नहीं, इसकी चर्चा डॉक्टर से ज़रूर कर लें। डॉक्टर कई बार प्रेग्नेंसी के मुताबिक दवाईयाँ बदलते हैं जिसे गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान न पहुंचे और आप भी बीमारी से बची रहें।

4)देर से प्रेग्नेंट होने पर मिसकैरिज, प्री-मेच्यौर बेबी, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, बच्चे के विकास में कमी जैसी स्थितियां बेहद आम होती हैं इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रेस से दूर रहें। सिगरेट, शराब का सेवन बिलकुल न करें, डाइट का ध्यान रखें और रेगुलर चेक अप करवाना न भूलें।

5)प्रेग्नेंसी के दौरान वजन पर भी बराबर नजर रखें। वजन न ज्यादा बढ़ा हो और न ही बहुत ही कम हो। वजन मेंटेन करने के लिए हेल्दी डाइट खाएं। फल, हरी सब्जियां, दाल का पानी, सूप, जूस आदि नियमित मात्रा में लेते रहें। इसके साथ ही हो सके तो वॉकिंग, योगा (डॉक्टर की सलाह पर) करें जिससे आप रिलैक्स रहेंगी।

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