तंबाकू व धूम्रपान, विश्व स्तर पर हर 10 में से एक मौत के लिए जिम्मेदार रहा। पूरे विश्व के लोगो को तम्बाकू के खतरों से बचाने के लिए और सभी लोगों को तम्बाकू से होने वाले खतरों की जानकारी हो, इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए विश्व स्वास्थ्य संघटन (World Health Organization) ने World No Tobacco Day का प्रारंभ किया। हर साल पूरे विश्व में No Tobacco Day, 31 मई को मनाया जाता है। तंबाकू व धूम्रपान के अन्य उत्पादों से होने वाली बीमारियों और मौतों की रोकथाम को ध्यान में रखकर इस वर्ष की थीम ‘टोबेको और कार्डियो वेस्कुलर डिसीज’ रखी गई है ।
जाने क्या कहते हैं आंकड़े
- एक ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे (जीएटीएस -2 रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत तम्बाकू उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है, दुनिया भर के तम्बाकू उपयोगकर्ताओं में लगभग 11.2 प्रतिशत लोग भारत के हैं।
- हमारे देश की 28.6 प्रतिशत आबादी इसकी किसी न किसी रूप में तंबाकू व धूम्रपान की आदी है। इनमें से 10.7 प्रतिशत लोग धूम्रपान करते हैं और 21.4 प्रतिशत एसएलटी का उपयोग करते हैं।
- 34.6 करोड़ वैश्विक सिगरेट उपभोक्ताओं में से अकेले भारत में 15.24 करोड़ का उपभोक्ता है।
स्वास्थ्य पर पड़ता है बुरा प्रभाव
डॉ. नादिग के अनुसार किसी भी रूप में तम्बाकू का उपयोग करने से निकोटिन और अन्य रसायनों की उपस्थिति के कारण व स्मोकिंग करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कैंसर और हृदय रोग होने का खतरा रहता है। यह मुंह व ओरोफेरिंजियल कैंसर का खतरा भी बढ़ाता है। कभी-कभी मसूड़ों, जीभ या ल्यूकोप्लाकिया में सफेद पैच हो सकते हैं। हालांकि यह कैंसरकारक नहीं है, परंतु बाद में यह मुंह के कैंसर में विकसित हो सकता है। फेफड़े, पेट, मूत्राशय, अग्न्याशय और ईसोफेगल कैंसर धुआं रहित तंबाकू की लत से जुड़े अन्य कैंसर हैं।
सुश्री सुजाता शर्मा, डायबिटीज एजूकेटर, बीटओ के अनुसार कैंसर जैसी भयंकर बीमारी के अलावा हाल ही में हुए शोध से पता चला है कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों को डायबिटीज होने की संभावना 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक रहती है। प्रतिदिन प्रयोग होने वाले सिगरेट के पैक की संख्या के साथ यह जोखिम दोगुना होता जाता है।
यह कहना गलत नहीं होगा कि एक छोटी सी आदत लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर उनकी असमय मौत का कारण बन रही है। तो क्यों न इस बार तंबाकू व धूम्रमान निषेध दिवस पर अपनी इस बुरी लत को छोड़ने का प्रण लें और थोड़ी से परेशानी झेलकर अपने लिए एक स्वस्थ जीवन जीने का प्रयास करें।
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