पेरेंट्स तुरंत बदल लें अपनी ये 10 आदतें, नहीं तो बर्बाद हो सकता है बच्चों का भविष्य
माता-पिता भी कई बार अपने बच्चों के सामने ही कुछ ऐसी हरकतें कर देते हैं, जिसकी वजह से बच्चों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है।
Parenting Mistakes: सोशल मीडिया और बदलती लाइफस्टाइल के बीच छोटे बच्चों की अच्छी और सही परवरिश आसान नहीं रह गई है। माता-पिता के लिए यह एक बहुत बड़ी चुनौती है कि आज के जमाने में वह अपने बच्चों को सही आदतें और दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसके बारे में अच्छी तरह से बता सके। इसी के साथ माता-पिता भी कई बार अपने बच्चों के सामने ही कुछ ऐसी हरकतें कर देते हैं, जिसकी वजह से बच्चों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए आज से ही आप अपनी इन 10 आदतों को बदल लीजिए, जिसका असर बच्चों पर पड़ सकता है।
बच्चे करें खुद फैसला

यह बात बिल्कुल सही है कि बच्चों के जिंदगी के बारे में माता-पिता सही फैसला लेते हैं। लेकिन, बच्चों को भी पूरी आजादी देनी चाहिए। ताकि उनमें सोचने और समझने की क्षमता बढ़े। बच्चों को जब आप आजादी देंगे, तो उनकी क्रिएटिविटी में निखार आएगा। आजादी देने की वजह से वह आपसे अपनी सभी परेशानियां भी शेयर करेंगे और आप दोनों की बोर्डिंग भी सही होगी।
दोष देने से बचें
माता-पिता को बच्चों की कई आदतें बिल्कुल पसंद नहीं आती है, जिस वजह से वह उन्हें सभी के सामने भला बुरा बोलने लगते हैं और उनपर ही सारा दोष डाल देते हैं। जबकि माता-पिता अगर अपने बच्चों की किसी हरकत से नाराज भी हैं, तो उन्हें डांटने के बजाय अच्छी तरह से समझाना चाहिए। ऐसा करने से बच्चे भी आपकी मनोस्थिति को समझने की पूरी कोशिश करेंगे।
हर बार इच्छी पूरी करना जरूरी नहीं
आजकल के व्यस्त दिनचर्या की वजह से माता-पिता अपने बच्चों की सभी मांगों को तुरंत पूरा कर देते हैं, जिस वजह से बच्चों का बर्ताव दिन प्रतिदिन बिगड़ता जाता है और वह जिद्दी हो जाते हैं। इसलिए माता-पिता को कभी भी अपने बच्चों की हर जिद्द को पूरी नहीं करनी चाहिए। उन्हें हर चीज की अहमियत के बारे में बताना चाहिए, ताकि बच्चों पर इसका गलत प्रभाव बिल्कुल भी ना पड़े।
गैजेट्स की छूट देने से बचें
माता-पिता आजकल बच्चों को छोटी उम्र से ही स्मार्टफोन और महंगे गैजेट्स के साथ समय बिताने देते हैं। जबकि इसकी वजह से बच्चों की मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। माता-पिता को हमेशा बच्चों को मैदानों में खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे ना सिर्फ बच्चों का शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होगा।
धैर्य की सबसे ज्यादा जरुरत

सोशल मीडिया के जमाने में पेरेंट्स को अपने बच्चों को धैर्य रखना और शांत रहना सिखाना चाहिए। क्योंकि आज के समय में बच्चे जल्दी गुस्सा हो जाते हैं और दूसरे लोगों से भी बुरा बर्ताव करते हैं, जिस वजह से उनकी मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए माता-पिता हमेशा बच्चों को धैर्य रखना सिखाएं।
असफलता से डील करना बताएं
पेरेंट्स को हमेशा अपने बच्चों को जीतने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। लेकिन, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अगर आपका बच्चा किसी भी चीज से पराजित हो गया है, तो उसे आप भला बुरा कहना शुरू कर देंगी। बच्चों को हर स्थिति के साथ डील करना भी सिखाना चाहिए। ताकि बच्चे को कुछ नया सीखने का मौका मिले।
जिद्द को प्यार न समझें
बच्चों के जिद्द करने पर माता-पिता उनकी हर इच्छा पूरी कर देते हैं और उन्हें अपने मन की करने की आजादी दे देते हैं। बच्चों को भी लगने लगता है कि वह जब भी अपने माता-पिता के सामने रोकर और गुस्सा होकर कोई भी छोटी बड़ी जिद्द करेंगे, तो उनकी हर जिद्द को पूरा कर दिया जाएगा, जिस वजह से बच्चे पर गलत प्रभाव पड़ता है। पेरेंट्स को उनके नखरे को कभी भी प्यार नहीं समझना चाहिए।
जरा-जरा सी बात पर डांटने से बचें

बच्चों की छोटी-छोटी गलतियों पर माता-पिता को चिल्लाने और डांटने की आदत होती है। लेकिन, हर बार ऐसा करना बिल्कुल भी सही नहीं है। क्योंकि, बच्चा ऐसे में आपसे डरने लगेगा। आपका उसपर चिल्लाना उसे गुस्सैल बना सकता हैं। इसलिए बच्चों की गलती पर आप हमेशा उसे प्यार से समझाया करें।
बच्चों की तुलना
हमारे घरों में अक्सर माता-पिता अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों के साथ करते हैं। मेरे ख्याल से ऐसा हर भारतीय घर में होता है। मेहमानों के घर आने पर भी उनके बच्चों को अपने बच्चों से अच्छा कहने लगते हैं। इसे बच्चों के मन पर चोट लगती है। साथ ही वे खुद को बाकियों से कमतर समझने लगते हैं और जिंदगी में कुछ भी आगे ना करने पर पछतावा करते हैं। इसलिए माता-पिता को कभी भी अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से नहीं करनी चाहिए।
निजता का कोई सम्मान ना होना

सोशल मीडिया के जमाने में माता-पिता की एक आदत ऐसी भी है, जो बिल्कुल गलत है। वह अपने बच्चों की निजता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखते हैं। अगर उनका बच्चा कुछ भी अच्छा या बुरा करता है, तो तुरंत सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं। जबकि यह आदत बिल्कुल गलत है। आपको कुछ चीजों की निजता का भी ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर जब बात आपके बच्चे की हो।
हम अगर अपने बच्चों को प्यार देंगे और उनसे अच्छे से बातचीत करेंगे, तो वे भी प्यार से भी हमें देखेंगे और हमसे बात करना चाहेंगे। प्रेम के माध्यम से हम बच्चों का उचित मार्गदर्शन कर सकते हैं। अगर आप भी अपने बच्चों को सही रास्ता दिखाना चाहते है, तो तुरंत अपना स्वभाव बदल लें।
