Salaam Venky Review: कहते हैं लिफाफा पढ़कर ही आप खत का मजमून(विषय) जान सकते हैं। ऐसा ही कुछ निर्देशक रेवती की फिल्म के ट्रेलर ‘सलाम ‘सलाम वेंकी’ में नजर आया। इसका ट्रेलर 14 नवंबर को रिलीज हुआ। रिलीज होते ही यह इंटरनेट सेंसेशन बन गया है। इसमें काजोल ने एक स्पेशल बच्चे की मां की भूमिका निभाई है। वहीं आमिर के कैमियो रोल को भी इंटरनेट पर लोग पसंद कर रहे हैं।
काजोल एक एक्टर के तौर पर क्या हैं। यह किसी को बताने की जरुरत नहीं है। इस एक्टर ने अपनी पहली फिल्म में ही साबित कर दिया था कि टैलेंट का मतलब क्या होता है। अपने फैंस के दिल में काजोल ने अपनी एक्टिंग के बदौलत एक खास जगह हासिल की है। वहीं ‘सलाम वेंकी’ के ट्रेलर ने यह साबित कर दिया कि अगर फिल्म में काजोल है तो किरदार तो खूबसूरत होगा ही।
ट्रेलर से पता लगता है कि वह इसमें स्पेशल एब्लड बच्चे की मां की भूमिका निभाती नजर आ रही है। इसमें उनका कैरेक्टर वैसा ही जैसा अमूमन हिंदुस्तानी माएं होती थी। अगर बेटा चांद मांगे तो वह उसे चांद भी लाकर दे दें। हां लेेकिन इसमें उस हिंदुस्तानी मां का संघर्ष डबल है। वह सिंगल भी है, और उसका बेटा वैंकी स्पेशल एबब्लड है। यह फिल्म अगले महीने 9 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.
जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए
ट्रेलर से पता लगता है कि फिल्म के डायलॉग भी आपको पसंद आने वाले हैं। इसमें आपको ह्यूमर भी मिलेगा। जैसे कि वैंकी हॉस्पिटल में बिस्तर पर मशीनों के बीच होता है। उसकी गलफ्रैंड आकर पूछती है कि इतनी मशीनें क्यों है? वह कहता है डेकोरेशन। सच है कि जीवन और उसकी कठिनाईयां तो हमें मिलती ही हैं। बस उनका कैसे सामना करना है। यह हमें वैंकी सिखा रहा है।
वहीं फिल्म का ट्रेलर 14 नवंबर को रिलीज कर दिया गया है. फिल्म एक मां के संघर्ष की कहानी है जो अपने ‘स्पेशल चाइल्ड’ बेटे को अकेले पालती है। वह अपने बेटे के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। फिल्म में विशाल जेठवा काजोल के बेटे की भूमिका में हैं। काजोल जैसी अभिनेत्री के सामने वह भी अपने किरदार के साथ बहुत मजबूती के साथ खड़े हैं। उनकी एक लाइन लोगों का दिल जीत लेती है कि जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए।
खामोशी को खामोशी से बात करने दो
काजोल और विशाल तो पूरे ट्रेलर में आपको नजर आ ही रहे हैं। लेकिन लास्ट में बिना कुछ कहे भी आमिर कैमियो रोल बहुत कुछ कह गया। इंटरनेट पर काजोल और आमिर के फैंस लिख रहे हैं कि 16 साल बाद वह उन दोनों को एक साथ देखना पसंद करेंगे। उन्हें इंतजार है इन दोनों के साथ में आने का। हां एक और बात बिना कुछ कहे ही आमिर के एक्सप्रेशंस ने उनके फैंस का दिल लूट लिया। इसे कहते हैं खामोशी को खामोशी से बात करने दो।

उम्मीद की किरन
हर फिल्म में कुछ न कुछ सीख छिपी होती है। नाउम्मीदयों के बीच में उम्मीद के किरन के तौर पर यह फिल्म दशर्कों को एंटरटेन तो करेंगी ही उन्हें जिंदगी को एक नई तरह से जीना भी सिखाएगी। अपने गमों का सामना मुस्कुरा कर करना और कुछ भी हो जाए डटे रहना। बस अब इंतजार है 9 दिसंबर का। जब फिल्म सिनेमाघरों के दरवाजे पर अपनी दस्तक देगी। हां इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रिया से तो लगता है कि फिल्म का काजोल और आमिर के फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
