Dhanteras Special: हर साल कार्तिक मास कृष्णपक्ष की त्रयोदशी के दिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। धनतेरस के दिन 13 दीपों को प्रज्वलित करने का विधान है। इस दिन को देवताओं के प्रधान चिकित्सक भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान धन्वंतरि ने कलश में भरे हुए अमृत को देवताओं को पिलाकर अमर बना दिया था। भगवान धन्वंतरि जी को आयुर्वेद प्रवर्तक माना गया है। दीपावली का आगमन धनत्रयोदशी यानि धनतेरस पर्व के साथ होता है। धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा होती है। इसके अलावा भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है। साथ ही इस मौके पर मृत्यु के देवता यमराज की पूजा भी की जाती है।
धनतेरस का धामिर्क महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन से उत्पन्न हुए भगवान धन्वंतरि को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। इस खास पर्व पर मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की अराधना की जाती है। धनतेरस की पूजा को लेकर ऐसी मान्यता है कि स्थिर लग्न के दौरान ही मां की अराधना करने में घर में लक्ष्मीजी का वास होता है। इतना ही नहीं धनतेरस की पूजा में 13 चीजों का होना आवश्यक माना गया है।
पूजा में भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा, बाती, कुमकुम, अक्षत, मिट्टी के दिए, सुपारी, पुष्प माला, झाड़ू, कुबेर यंत्र, मौली, खड़ा धनिया, कलश और सुपारी समेत कई ज़रूरी चीजों का प्रयोग किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सोने के आभूषण और पीलत के बर्तन खरीदने से घर में बरकत आती है। साथ ही मां लक्ष्मी का वास होता है और सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा ये भी माना जाता है कि इस दिन आप जो भी वस्तु खरीदते हैं, उसमें 13 गुणा वृद्धि होती है।
धनतेरस का वैज्ञानिक आधार
धनतेरस के दिन धन्वंतरि का प्रादुर्भाव होने के चलते इस पर्व का वैज्ञानिक महत्व भी है। इसमें कोई दोराय नहीं कि हर एक पर्व के पीछे कोई न कोई वैज्ञानिक तथ्य भी मौजूद होता है। धनतेरस का संबध धन और स्वास्थ्य दोनों से जुड़ा हुआ है। दरअसल, आयुर्वेद का संबध रसायन शास्त्र से है और धन का संबध मां लक्ष्मी से है। ऐसा कहा जाता है कि आज के दिन सोना और चांदी खरीदना चाहिए। इसके पीछे भी एक कारण है। दरअसल, औषधियों में स्वर्ण भस्म का इस्तेमाल किया जाता है और चांदी को भी एंटी बैक्टिरियल माना जाता है। वहीं यम के लिए घर से बाहर तेल का दिया प्रज्वलित किया जाता है। इस प्रकार से हर तथ्य में एक वैज्ञानिक कारण निहित है।
