Definition of Love: प्यार की परिभाषा अब पूरी तरह से बदल चुकी है. अगर हम देखें तो प्यार में अब उतनी पवित्रता नहीं बची है जितनी हम पहले के समय में देखते थे. अब लोगों में शारीरिक और जिस्म की भूख ज्यादा देखने को मिलती है. कुछ लोगों के लिए तो प्यार का मतलब केवल सेक्स ही रह गया है. वह किसी के साथ रिश्ते में इसलिए नहीं आते कि उन्हें मानसिक रूप से एक सहारे की जरूरत होती है या एक ऐसे इंसान की जरूरत होती है जो हर समय हमारे साथ रह सके बल्कि उन्हें केवल अपना शरीर संतुष्ट करना होता है.
ऐसी स्थिति में कुछ अलग सोच वाले लोग भी विपरीत स्थितियों का शिकार बन जाते हैं जो सच में दिल से प्यार करने और निभाने की उम्मीद रखते हैं. लोगों की मानसिकता में आने वाले बदलाव के कारण एक ही व्यक्ति के साथ अंत तक रिश्ता रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है और इसी वजह से हार्ट ब्रेक भी ज्यादा देखने को मिल रहे हैं जिस कारण लोगों की मानसिक सेहत प्रभावित हो रही है.
प्यार क्या है?
हो सकता है बचपन में आपने प्यार की परिभाषा को कुछ और ही समझा हो. जब आप जवान होने लगते है और किसी से सच में लव कर बैठते हैं तो वही व्यक्ति आपके लिए सब कुछ बन जाता है. आपको इस समय अपने लवर के साथ ही सारा समय बिताने का मन करता है. आपका बाकी कामों में भी काफी कम मन लगता है. आप अपने सारे समय को उन पर न्योछावर कर देते है. आप केवल उन्हें अपना बनाने की कोशिश करते हैं और उनको लेकर काफी पजेसिव भी होते हैं. लेकिन इसी बीच कहानी में हार्ट ब्रेक वाला मोड़ आ जाता है और आपका नजरिया प्यार को लेकर पूरी तरह से बदल सकता है.
कुछ लोगों के अनुसार प्यार का मतलब
- दूसरों की भलाई के लिए यह दूसरे की खुशी के लिए काम करना.
- प्यार स्नेह आकर्षण की फीलिंग.
- किसी की तरफ खिंचाव.
- किसी की मदद करना, सम्मान करना, केयर करना, किसी को वचन देना.
- या सभी भावनाओं का संयोजन यह व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है और हर व्यक्ति के अनुसार प्यार की परिभाषा अलग हो सकती है.
दिल टूटने की स्थिति

जवानी में होने वाला लव या यह कहें कि पहला प्यार ज्यादतर काल्पनिक होता है. हम ऐसी ऐसी स्थिति सोच लेते हैं जो सच नहीं हो सकती. हम अपने सभी सवालों का जवाब केवल एक ही व्यक्ति को समझ लेते हैं. लेकिन इसी कारण यह उतनी देर तक नहीं टिक पाता है जितना हमने उम्मीद की थी. जब आपका दिल टूटता है तो यह आपको हिला कर रख देता है. इससे आपको अंदर ही अंदर काफी दर्द महसूस होता है और कहीं न कहीं आप खुद को कोसना शुरू कर देते हैं. आप अपने प्यार को पाने के लिए गिड़गिड़ाते हैं और रोते हैं कि वह वापिस आ जाए लेकिन वह नहीं आता है और आपको लगता है कि आप पहले की तरह नहीं बन पाएंगे या आप जीवन में कभी खुश नहीं रह पाएंगे. यहीं से आपके दिमाग में चीजें बदलनी शुरू हो जाती हैं.
खुद को दूसरा मौका देना

उनके बिना गुजारा कर पाना अब थोड़ा कठिन हो सकता है लेकिन यह असम्भव नहीं है और जैसे जैसे समय बीत रहा है आपको उनके बिना जीने की आदत हो रही है. आपने अपने पुराने अनुभव से सीखा, उससे अपना विकास करने की कोशिश की और खुद को बेहतर बनाया. अब आपको उस व्यक्ति की याद तो आ रही होगी लेकिन आप उसके लिए रोएंगे नहीं. यह बदलाव ही आपके लिए प्यार की परिभाषा को बदलना शुरू कर देता है और आप काल्पनिक बातों को सच मान कर किसी से कुछ भी उम्मीद लगा कर नहीं बैठ जाने वाले हैं.हो सकता है इस समय आपको सच में कोई अच्छा व्यक्ति मिल जाए और आप भी अब पुराने अनुभव से हद में लव करना सीख जाएं.
परिपक्व प्यार की चरण में प्रवेश करना

अब आपका बच्चों वाला लव खत्म हो जाता है और आप परिपक्व प्यार (एडल्ट लव) वाले चरण में प्रवेश करते हैं. यह प्यार ही जीवन का आधार होता है. आपको पता है कि किसी से कैसे और कितना प्यार करना है.
अब आप उनके लिए उतावले तो होते है लेकिन उन्हें दिखाते नहीं हैं. अब यह प्यार आपकी मजबूरी नहीं बल्कि एक आदत और खुश रहने वाली आदत बन चुका है जो आपको मानसिक रूप से प्रभावित नहीं करता है
