पहले विलेन, फिर हीरो, फिर हीरो से सन्यासी , फिर नेता से अभिनेता…विनोद खन्ना ने सिर्फ रील में ही नहीं बल्कि रियल लाइफ में कई किरदार निभाएं और बखूबी निभाएं। अपने समय में वो बॉलीवुड के सबसे अच्छे दिखने वाले हीरो में से एक थे और लोगों खासतौर से लड़कियाें के बीच उनकी लोकप्रियता देखने लायक थी। लेकिन अध्यात्म और ओशो के विचारों ने विनोद खन्ना को इतना प्रेरित किया कि वो अपने करियर को उंचाइयों पर छोड़ सन्यासी बनने चले गए। ये वही दौर था जब सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपनी पहचान बनाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे थे।
