भगवान विष्णु ने त्रेता युग में अपन पहला जन्म वामन अवतार के रूप में लिया। तीनों युगों में वामन देव का अवतार, भगवान विष्णु का पांचवा अवतार था। राजा बलि को उनकी भूल का ज्ञान करवाने के लिए वामन देव ने तीन पग में तीनों लोक नापकर राजा बलि को पाताल लोक में भेज दिया।
