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Teach Us Too: हमें भी पढ़ाओ’ ने आचार्य सुदर्शन को बनाया गरीबों का मसीहा

‘हमें भी पढ़ाओ’, आज यह वाक्य पटना सहित बिहार के झुग्गी-झोपड़ी में रहनेवालों की जुबान पर चढ़ चुका है। दो दशक पहले तक झुग्गी-झोपड़ी में रहनेवाले लोग कभी सोच भी नहीं सकते थे कि उनके बच्चे पटना सेंट्रल स्कूल, कृष्णा निकेतन जैसे स्कूल में पढ़ेंगे। लेकिन यह सच हो रहा है। अब तो पटना के इन टॉप स्कूलों से 12वीं पढ़ कर निकले स्लम के बच्चे देश और दुनिया की सैर कर रहे हैं। एक सम्मानित जीवन जी रहे हैं।

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