आजकल पेरेंट्स स्मार्टफोन और सोशलमीडिया की चकाचौंध में इस कदर डूब गए हैं कि वो जाने -अंजाने अपने बच्चों से दूरियां बना रहे हैं। ये स्मार्टफोन पेरेंट्स की प्राथमिकता बन चुका है और बच्चों का मासूम बचपन जिसमें बच्चा हर एक पल माता-पिता के साथ बिताना चाहता है वही कहीं गुम होता जा रहा है। कहीं आप भी उन्ही पेरेंट्स में से तो नहीं हैं जो बच्चे के साथ समय बिताने की जगह स्मार्टफोन की रंगत में सराबोर हो गए हैं…….
