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नीलकंठ-गुलशन नन्दा भाग-23

आनंद की अनुपस्थिति में जो कुछ हुआ, उस पर उसे विश्वास नहीं हो रहा था। वह घंटों उस झील के किनारे खड़ा उसकी नीली गहराईयां देखता रहा-शायद मोहन किसी लहर की उछाल में ऊपर आ जाए। उसे झील में ले जाने की उत्तरदायी उसकी अपनी बीवी थी। इसलिए उसकी व्यग्रता और बढ़ती जा रही थी। […]

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