केवल खादी पहनने से कोई
गांधी नहीं होता जिन लोगों ने महात्मा गांधी को नहीं देखा है, वे अगर उनकी पौत्री तारा गांधी भटटाचार्य से मिल लें, तो उन्हें गांधी जी के विचारों के प्रभाव का अंदाज हो सकता है। तारा गांधी से मुलाकात के दौरान बातों का सिलसिला शुरू हुआ, तो बहुत सारी बातें निकलतीं चली गईं। पेश है दीप्ति अंगरीश की उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
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