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गृहलक्ष्मी की कहानियां – क्योंकि सास भी कभी बहू थी

गृहलक्ष्मी की कहानियां – हां, विवाह के पिछले सीजन में मैं भी सास बन गई हूं। वैसे देखने में तो अपने चौबीस वर्षीय पुत्र की बड़ी बहिन ही लगती हूं, पर हां, मेरा पद अवश्य बढ़ गया है। अब बारी आ गई है, मेरे वो सभी कर्जे चुकाने की जो बहू बनने के बाद से […]

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बहू एक मजबूत स्तंभ

पिताजी बोले अवनी बहू मेरे घर का एक मजबूत स्तंभ है, जो हर परेशानी में मजबूती के साथ खड़ी रहती है। पिताजी ने अवनी को अपने पास बुलाया और कहा कि बहू अपना सामान तुम अपने पास रख लो। जहां तक बात छोटी बहू की है तो अगर मैं चाहता तो उसकी सारी डिमांड पूरी कर सकता था।

Posted inप्रेगनेंसी

बहू बनने वाली है मां, सासू मां बन जाएं असली दोस्त

बहू प्रेग्नेंट है तो इस वक्त उनको आपके साथ की जरूरत है ताकि वो इस दौरान होने वाले मानसिक दबाव का सामना कर सकें।

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नई पहल

क्या एक विधवा को दुबारा अपना जीवन संवारने का कोई हक नहीं? अगर पुरुषों को यह हक है, तो महिलाओं को भी होना ही चाहिए। उसमें ऐसा बवाल मचाने की भला क्या जरूरत है।

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प्यार करें नफरत भरे ससुराल के रिश्तों से

विवाह के बाद हर लड़की के लिए नए घर में समांजस्य बिठा पाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन थोड़ी सी समझदारी और संयम से काम ले तो लड़की नफरत भरे रिश्तों में प्यार की मिठास घोल सकती है।

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